झूले वाला एरिया तोड़ने की थी योजना
रॉक गार्डन के निर्माता पद्मश्री नेकचंद के बेटे अनुज सैनी ने बताया कि वर्ष 1989 में भी रॉक गार्डन के एक हिस्से को तोड़ने की कोशिश हुई थी। प्रशासन ने कैंबवाला तक के लिए एक सड़क बनाने की योजना बनाई थी। वह सड़क रॉक गार्डन के अंदर से होकर जा रही थी और उसके लिए झूले वाले एरिया को तोड़ा जाना था। प्रशासन ने इसकी मंजूरी भी दे दी थी और तोड़ने के लिए रॉक गार्डन के अंदर जेसीबी पहुंच गई। कुछ एरिया को तोड़ दिया गया लेकिन रास्ते में एक पेड़ आ गया, जिसे काटने के लिए इंजीनियरिंग विभाग को परमिशन की जरूरत थी। परमिशन देने में दो दिन लग गए।
कार्रवाई के बारे में पता चला तो रोने लगे थे नेकचंद
अनुज सैनी ने बताया कि तोड़फोड़ की जानकारी जब उनके पिता नेकचंद को लगी तो वह रोने लगे और उन्हें हार्ट अटैक आ गया। धीरे-धीरे लोगों को भी कार्रवाई के बारे में पता चलने लगा। जसपाल भट्टी कई साथियों के साथ रॉक गार्डन पहुंचे। नीलम मान सिंह और भी कई लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध किया। जब प्रशासन के अधिकारी अड़े रहे तो वे दीवार के साथ ह्यूमन चेन बनाकर खड़े हो गए। आखिर में प्रशासन को पीछे हटना पड़ा और सड़क का काम रुक गया। अनुज सैनी ने बताया कि अब फिर से रॉक गार्डन पर खतरा आ गया है।