बठिंडा के गांव बाठ में रविवार देर शाम सरपंच और उसके परिवार पर जेल से छूटकर आए अमृतपाल सिंह ने साथियों संग मिलकर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में सरपंच कुलविंदर सिंह, उसकी पत्नी वीरपाल कौर और भतीजा मेहकदीप सिंह घायल हो गए, जबकि सरपंच के भतीजे सुखराज सिंह की सीने में गोली लगने से मौत हो गई।
तीनों घायलों को सिविल अस्पताल बठिंडा लाया गया। जहां मेहकदीप सिंह को गंभीर हालत में फरीदकोट रेफर कर दिया गया। वहीं वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी घर के बाहर खड़े होकर हवाई फायर किए और अपनी गाड़ियों से फरार हो गए।
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सिविल अस्पताल में दाखिल कांग्रेस सरपंच कुलविंदर सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान अमृतपाल सिंह बाहर के लड़कों को गांव में लेकर आता था। रोकने पर धमकी देता था। सरपंच ने आरोप लगाया कि इस बारे में उसने पुलिस को कई बार बताया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी रंजिश में अमृतपाल सिंह ने रविवार शाम को अपने साथियों के साथ उनके घर में घुसकर गोली चलाई और तेजधार हथियारों से परिवार पर हमला किया।
सरपंच ने बताया कि इस हमले में वह, उसकी पत्नी और भतीजा मेहकदीप तेजधार हथियार लगने से घायल हो गए। वहीं भतीजे सुखराज सिंह के सीने पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपी अमृतपाल एक मामले में जेल में बंद था। लॉकडाउन के दौरान उसे जेल से छुट्टी दी गई थी।
सरपंच ने आरोप लगाया कि उसके बड़े भाई भिंदा सिंह पर तीन दिन पहले गांव के ही लोगों ने गोली चलाई थी लेकिन उस मामले में भी पुलिस ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की। घायलों का बयान दर्ज करने पहुंचे थाना नथाना के एएसआई कौर सिंह ने कहा कि पुलिस ने घायलों के बयान दर्ज कर आरोपी अमृतपाल सिंह समेत छह लोगों पर नाम समेत और कुछ अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या और हत्या करने के प्रयास के तहत केस दर्जकर लिया है।