मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी
इसी दौरान घटनास्थल से हावड़ा-अमृतसर (12054) ट्रेन गुजर चुकी थी। अंधेरा होने के कारण लोगों को दूसरी ट्रेन के बारे में पता नहीं चला। उसी समय वहां पर जालंधर-अमृतसर पैसेंजर ट्रेन डीएमयू (74643) ट्रेन गुजरी। ट्रैक पर कई लोग खड़े थे, जिन्हें ट्रेन कुचलते हुए गुजर गई।
इसके बाद गुस्साए लोगों ने घटनास्थल पर रेलवे की एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन पर हमला बोल दिया और ट्रेन के शीशे तोड़ दिए। ट्रेन में रेलवे के डाक्टर और अधिकारी सवार थे। रेल अधिकारी ट्रेन को वहां से वापस दौड़ाकर अमृतसर ले गए। रेल अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली से सीआरबी अश्वनी लोहानी और जीएम विश्वेष चौबे दिल्ली से स्पेशल ट्रेन के जरिए अमृतसर के लिए रवाना हो चुके हैं। खबरों के मुताबिक 61 लोगों के मरने की खबर है। वहीं बड़ी संख्या में लोग घायल हैं।