पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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श्री गोपाल गोधाम चेरिटेबल ट्रस्ट फिल्लौर के ट्रस्टी रोहित सभ्रवाल के अनुसार गोशाला से पहले कोई बिजली बिल का नहीं लिया जा रहा था। कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद दोबारा बिजली बिल लागू कर दिया गया, वहीं साल 2016 से बकाया बिल की वसूली के आदेश जारी कर दिए गए। उनकी गोशाला को पॉवर काम ने 18 लाख रुपये का बिल भेज दिया।
पेमेंट नहीं होने पर गोशाला के एक फेज का कनेक्शन तक काट दिया गया। आखिरकार सभी ट्रस्टी ने मिलकर किसी तरह 50 हजार रुपये की पार्ट पेमेंट करवा कनेक्शन को दोबारा चालू करवाया। पंजाब सरकार काउ सेस के नाम पर हर महीने करोड़ों रुपये एकत्र कर रही है, लेकिन शहरों ने बेसहारा घूम रहे जानवरों पर कोई लगाम नहीं कसी जा रही है। गोवंश संभलाने को काम कर रही गोशाला पर सरकार नए सिरे से बिजली बिल और दो साल की बकाया राशि वसूल करने के तुगलकी फरमान जारी कर रही है। इसी मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
8 गोशालाओं ने फाइल की थी याचिका
-श्री गोपाल गोधाम चेरिटेबल ट्रस्ट फिल्लौर
-मात पिता गोधाम ट्रस्ट
-नाभा गोशाला कमेटी गांव वजीदपुर
-गोशाला कमेटी
-श्री गोशाला कमेटी
-गोवर्धन गोशाला
-श्री गोविंद गोधाम सेवा समिति
-नाभा गोशाला कमेटी गांव वजीदपुर
पंजाब की आठ गोशालाओं की तरफ से दायर याचिका पर अदालत ने फैसला दिया है कि दो महीने में चीफ सेक्रेटरी और पॉवर काम चेयरमैन यह रिपोर्ट फाइल करेंगे कि बिजली पर क्या फैसला है। उस समय तक पॉवरकाम गोशाला से बिजली बिल वसूल नहीं करेगा ना ही गोशाला का कनेक्शन काटा जाएगा। सरदविंदर गोयल, एडवोकेट।