पंजाब सरकार ने हाल ही में हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए वर्ष नौ सहायक लोक संपर्क अधिकारियों की नए सिरे से नियुक्त के दौरान 2011 में भरती छह अफसरों को नौकरी से हटा दिया है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर वीरवार को नई मेरिट बनाने के हाईकोर्ट की एकल बेंच के फैसले पर रोक लगा दी।
सुबेग सिंह एवं सात अन्य ने एलपीए दाखिल करके फैसला रद्द करने और फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने फैसले पर रोक लगाते हुए पंजाब सरकार एवं अन्य को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 13 मई को होगी।
सहायक लोक संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति पर कुछ विफल उम्मीदवारों ने याचिका दायर की थी और जस्टिस राजेश बिंदल की एकल बेंच ने नियुक्ति रद करते हुए मेरिट नए सिरे से बनाने का आदेश जारी किया था।
इसी दौरान पिछले दिनों पंजाब सरकार ने छह अधिकारियों को हटा दिया था और इनके स्थान पर दूसरे उम्मीदवारों को नियुक्ति के आदेश जारी किए थे। अब सुबेग सिंह एवं अन्य ने एकल बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका में कहा है कि एकल बेंच ने फैसला गलत दिया है।
याचिका में दलील दी गई है कि हाईकोर्ट ने सुदेश रानी बनाम पंजाब सरकार के मामले में फैसला दिया था कि ग्रामीण स्कूलों से आठवीं एवं दसवीं पास छात्रों को पांच अंकों का अतिरिक्त लाभ दिया जा सकता है।
इसी फैसले का अनुसरण करते हुए पंजाब सरकार ने ग्रामीण स्कूलों से आठवीं एवं दसवीं पास उमीदवारों को सहायक लोक संपर्क अधिकारियों की भर्ती में पांच अंकों का लाभ दिया था, लेकिन अभिषेक ऋषि के मामले में हाईकोर्ट की फुल बेंच ने फैसले को रद कर दिया था।
याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई है कि जिस वक्त अभिषेक ऋषि के मामले में फैसला आया, उस वक्त सहायक लोक संपर्क अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया जारी थी, इसलिए किसी फैसले को पिछली तारीक से लागू नहीं किया जा सकता, लिहाजा एकल बेंच द्वारा अभिषेक ऋषि के फैसले को आधार बनाते हुए भर्ती प्रक्रिया रद कर नई मेरिट बनाने का फैसला गलत है।
याचिकाकर्ताओं ने एकल बेंच के फैसले को रद्द करने और इस पर रोक लगाने की मांग की थी। वीरवार को हाईकोर्ट ने फैसले के अमल में लाने पर रोक लगाते हुए विपक्ष को नोटिस जारी कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि भर्ती के लिए चार जुलाई 2010 को लिखित परीक्षा हुई थी और छह से आठ दिसंबर तक इंटरव्यू चला था और इससे पहले तीन अक्तूबर को मुख्यमंत्री ने ग्रामीण स्कूलों से आठवीं एवं दसवीं पास उमीदवारों को पांच अंकों की छूट दी थी।
सरकार ने 11 में से नौ रिक्तियों पर नियुक्ति दी थी। इसमें नवदीप सिंह, शेरजंग सिंह, गुरमीत सिंह, जगदीप गिल, अमरीक सिंह, मनविंदर सिंह, हाकम सिंह, सुबेग सिंह और प्रभदीप सिंह शामिल थे।