हरियाणा में इन दिनों चुनाव आयोग जिस मुस्तैदी से मतदाता सूचियों के पुनर्निरीक्षण के काम को अंजाम दे रहा है, उस हिसाब से प्रदेश में विधानसभा चुनाव सितंबर के अंतिम या अक्तूबर के पहले सप्ताह में हो सकते हैं।
चूंकि अक्तूबर का महीना त्योहारों का भी है, इसलिए चुनाव आयोग अक्तूबर में चुनाव करवाने से बच रहा है। लेकिन 24 अक्तूबर से पहले हरियाणा विधानसभा के गठन की प्रक्रिया भी पूरी होनी जरूरी है।
अक्तूबर में त्योहारी मौसम और छुट्टियां
इस बार अक्तूबर के शुरुआती दौर में त्योहारों और छुट्टियों का दौर शुरू हो जाएगा। नवरात्र के अंतिम दिन अक्तूबर के शुरुआती दौर में होंगे।
2 अक्तूबर को गांधी जयंती, तीन को दशहरा, पांच को बकरीद, 23 को दीपावली और 24 को गोवर्धन पूजा है। हरियाणा के साथ महाराष्ट्र में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। जबकि हरियाणा में 24 अक्तूबर तक नई विधानसभा का गठन होना जरूरी है।
चुनाव के लिए कम से कम 6 सप्ताह का समय
आयोग को चुनाव करवाने के लिए भी कम से कम छह सप्ताह का समय चाहिए होगा। लिहाजा आचार संहिता को अगस्त में मान कर चला जा रहा है।
हरियाणा के मुख्य निवार्चन अधिकारी श्रीकांत वालगद ने बताया कि आयोग ने 31 जुलाई तक मतदाता सूचियों के पुनर्निरीक्षण का काम तय किया है।
बकौत वालगद अभी हमारी तरफ से अधिकारिक बात यही है कि 31 जुलाई तक मतदाता सूचियों का काम पूरा करना है, लेकिन त्योहार होने के कारण संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।