विधानसभा में गूंजा था मामला
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में स्कूली छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न का मामला उठा था। इस मामले में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल के बीच विवाद भी हुआ और दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए थे।
दुष्यंत ने ये आरोप लगाए थे कि इस प्रिंसिपल पर 2005 और 2011-12 में भी यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे। उस समय की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल के झज्जर आवास पर 2012 में पंचायत में समझौता होने की बात भी कही थी। वहीं, गीता भुक्कल ने इसे झूठ करार दिया था।
दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई थी। इस मामले की जांच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाने का निर्णय लिया गया था। बाद में कांग्रेस के विरोध के बाद हाईकोर्ट जज के बजाय विधानसभा की कमेटी का गठन करके जांच करवाने का निर्णय लिया। कमेटी 2005 से लेकर 2023 तक आरोपी प्रिंसिपल पर लगे सभी प्रकार के आरोपों की जांच करेगी।