हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए चयनित 816 आर्ट एंड क्राफ्ट शिक्षकों के परिणाम को संशोधित करने का आदेश दिया है। अपने आदेश में हाईकोर्ट ने कहा है कि जिन्होंने उदयपुर के जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड विश्वविद्यालय से डिप्लोमा उत्तीर्ण किया था और अगर उनके प्राप्तांक उनकी संबंधित श्रेणियों में अंतिम चयनित उम्मीदवारों से अधिक हैं तो याचिकाकर्ताओं को चयनित व्यक्तियों के स्थान पर नियुक्ति दी जाए। पूर्व में चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति की तिथि से याचिकाकर्ताओं को वेतन को छोड़कर सभी लाभ जारी करने का भी हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश जारी किया है। अदालत ने आयोग को आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के चार सप्ताह में पालन करने का निर्देश दिया है।
एचएसएससी के रवैए की निंदा
न्यायाधीश त्रिभुवन दहिया ने एचएसएससी की कार्यप्रणाली की निंदा करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं के संस्थान से डिप्लोमा अमान्य होने के संबंध में आयोग को प्राप्त आपत्तियों में जो दावे किए गए हैं, वे अस्पष्ट हैं। क्योंकि न तो इसका विवरण और न ही आपत्तियों की तारीख का खुलासा किया गया है। इस तरह की अनिश्चित आपत्तियां, याचिकाकर्ताओं को अयोग्य घोषित करने का आधार नहीं हो सकतीं। आयोग ने तथ्यों का पता लगाए बिना या मुद्दे पर विचार किए बिना मनमाने ढंग से काम किया। इसके परिणामस्वरूप याचिकाकर्ताओं का उत्पीड़न हुआ और उन्हें इस मुकदमेबाजी के लिए मजबूर होना पड़ा।