चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय का निर्माण विभाग इंजीनियरों की पदोन्नति को भी गोपनीय मानता है जबकि नियुक्तियों व पदोन्नतियों में सबसे अधिक पारदर्शिता होती है। आरटीआई में मांगी गई जानकारी में विभाग ने इंजीनियरों के नाम नहीं बताए। कई सवालों के जवाब भी गोलमोल दिए गए। यह संदेह लोगों को पहले ही था कि जूनियर इंजीनियरों की पदोन्नति में बड़ा खेल हुआ है।
नयागांव निवासी सुशील ने पीयू से आरटीआई के तहत कई सवालों के जवाब मांगे। उसमें प्रमुख यही था कि निर्माण विभाग के कितने जूनियर इंजीनियरों की पदोन्नति हुई? उनके नाम क्या हैं और पदोन्नति के मानक क्या हैं? इन सवालों के जवाब देना उचित नहीं समझा गया। इन्हें गोपनीय बताया गया। यह जरूर बता दिया गया कि सिंडिकेट व सीनेट में यह प्रस्ताव पास हुआ है। सूत्रों का कहना है कि पदोन्नति में बड़ा खेल हुआ है। मानकों को दरकिनार करते हुए यह किया गया है। यह प्रकरण चांसलर कार्यालय पहुंचा है। इसके अलावा आरटीआई के तहत द्वितीय अपील की जा रही है। कुछ जानकारों का कहना है कि इस प्रकरण में कई अधिकारी भी मिले हुए हैं। इसलिए जानकारी गोपनीय रखी जा रही है।