आशुतोष महाराज के बेटे दिलीप कुमार झा ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। आशुतोष महाराज के पुत्र ने याचिका दायर कर अपने पिता के अंतिम संस्कार की अनुमति मांगी है।
उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म के अनुसार पिता के अंतिम संस्कार का हक पुत्र का होता है। साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस की इस मामले में उदासीनता पर भी सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा है कि उनके पिता की हत्या की गई है। सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में यह याचिका दायर हुई है। एक दो दिन में हाईकोर्ट याचिका पर सुनवाई करेगा। दिलीप कुमार झा ने इस मामले में बिहार सरकार से भी हस्तक्षेप करने की मांग की है।
पंजाब सरकार की कार्रवाई पर सवाल
बिहार के मधुबनी के रहने वाले दिलीप कुमार झा ने बताया कि बिहार सरकार ने इस बावत पंजाब के गृह विभाग को पत्र लिख कर आशुतोष महाराज का शरीर बिहार भेजने के लिए कहा है।
पंजाब सरकार ने अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। बिहार के एक एमएलसी विनोद सिंह ने भी पंजाब सरकार को इस बावत पत्र लिखा है। अब दिलीप कुमार झा ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना है कि संस्थान यह कह रहा है कि आशुतोष महाराज समाधि में हैं। जबकि पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में दिए गए जवाब में यह माना है कि आशुतोष महाराज की मृत्यु हो चुकी है।
28 जनवरी से आशुतोष महाराज समाधि में
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज 28 जनवरी 2014 से नूर महल स्थित डेरे में समाधि में हैं। मंगलवार 28 जनवरी 2014 की रात करीब साढ़े बारह बजे वे समाधिलीन हो गए थे। डेरे की तरफ से स्वामी विशालानंद व स्वामी विश्वानंद ने आशुतोष महाराज के ब्रह्मलीन होने की खबर को एक अफवाह बताया था।
इस मामले में खुद को महाराज का ड्राइवर बताने वाले पूरण सिंह और उनके बेटे दिलीप कुमार झा ने विभिन्न मुद्दों पर कई बार हाईकोर्ट की शरण ली है।
आशुतोष महाराज को क्लीनिकली डेड करार दिया था
इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने भी हाईकोर्ट में जवाब दाखिल कर दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज को क्लीनिकली डेड करार दिया था। पंजाब सरकार की ओर से नकोदर के डीएसपी एचपीएस परमार ने पिछले बुधवार को हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था। उधर, संस्थान की तरफ से हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि आशुतोष महाराज लंबी समाधि की अवस्था में है। संस्थान के मुताबिक आशुतोष महाराज को बंधक बनाकर नहीं रखा गया है, न ही कोई प्रॉपर्टी विवाद चल रहा है।