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'आशुतोष महाराज के बेटे होने का पुख्ता सबूत दें झा'

Sat, 13 Sep 2014 05:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दिव्य ज्योति संस्थान के प्रमुख आशुतोष महाराज का बेटा होने का दावा करने वाले याची को आखिरकार इस बात पुख्ता सबूत पेश करने को कहा है।
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बेटे की हैसियत से पिता की देह की मांग लेकर कोर्ट पहुंचे दलीप झा ने खुद को आशुतोष महाराज उर्फ महेश कुमार झा का पुत्र साबित करने के लिए शुक्रवार को अपना वोटर कार्ड और बिहार सरकार द्वारा पंजाब सरकार को लिखा गया पत्र पेश किया।

जस्टिस एमएमएस बेदी की बेंच ने मामले पर सुनवाई के दौरान कहा कि आशुतोष महाराज और दिलीप झा का पिता-पुत्र होने का पुख्ता सबूत होना जरूरी है। दलीप झा के वकीलों आरएस बैंस और एसपी सोही ने कहा कि आशुतोष महाराज के बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका हाईकोर्ट बेंच खारिज कर चुकी है।
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साथ ही आशुतोष महाराज को डॉक्टर क्लीनिकली डेड घोषित किया जा चुका है। ऐसे में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का औचित्य नहीं रह जाता।

इसके बाद दलीप झा की ओर से हिंदू रीति के मुताबिक अपने पिता के शरीर का दाह संस्कार करने के अधिकार को लेकर बहस शुरू हुई। इस पर बेंच ने सबूत मांगा कि दलीप झा ही आशुतोष के बेटे हैं। वकीलों ने बेंच के समक्ष बिहार सरकार द्वारा पंजाब सरकार को भेजे उस पत्र का हवाला दिया, जिसमें दलीप झा को आशुतोष महाराज का बेटा बताया गया था।

इस पत्र के जरिए बिहार सरकार ने पंजाब सरकार से आशुतोष महाराज का शरीर बिहार के मधुबनी पहुंचाने का आग्रह किया था। इसके अलावा वोटर लिस्ट भी पेश की गई, जिसमें दलीप के पिता का नाम महेश कुमार झा दर्ज है।

आशुतोष महाराज का बेटा नहीं दलीप : पंजाब सरकार
बहस के दौरान पंजाब सरकार के वकील ने आपत्ति जताई कि दलीप झा आशुतोष महाराज के बेटे नहीं हैं। हालांकि, दलीप झा के वकीलों ने कहा कि पंजाब सरकार को ऐसी आपत्ति जताने का हक नहीं है।

दलीप झा के अलावा कोई अन्य व्यक्ति आशुतोष महाराज के शरीर पर अधिकार भी नहीं जता रहा, इसलिए दलीप झा को उनसे पिता की देह सौंपी जानी चाहिए, ताकि वे अपने रीति-रिवाज के मुताबिक अंतिम संस्कार कर सकेंगे। सभी पक्षों को सुनने के बाद बेंच ने सबूत पेश करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 22 सितंबर के लिए स्थगित कर दी।

समाधि पर कोर्ट सख्त
संगठन के श्रद्धालुओं ने वीरवार को कहा था कि आशुतोष महाराज समाधि में हैं और कभी भी उनकी दिव्य ज्योति लौट सकती है। बेंच ने कहा था कि अदालतें कानून के दायरे में रहकर फैसले करती हैं न कि आध्यात्मिकता के आधार पर। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी भी की थी कि आखिर समाधि कितनी देर चलेगी, यह कैसे तय होगा।
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कोई ऐसा पुख्ता सबूत देना होगा दलीप झा को
- स्कूल सर्टिफिकेट
- आशुतोष महाराज के साथ कोई तस्वीर
- दलीप की पत्नी सरिता से शादी का सबूत
- दलीप की मां नंदिनी के आशुतोष महाराज की पत्नी होने का सबूत
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