पंजाब में अफसर नहीं सुनते विधायकों की बात, यह शिकायत लंबे समय से कांग्रेस विधायकों द्वारा उठाई जा रही है। हाल ही में कांग्रेस के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ ने भी इन शिकायतों को सही माना था। पार्टी की प्रदेश प्रभारी आशा कुमारी इस बात से सहमत नहीं हैं। उन्होंने यहां तक कहा है कि राज्य में विधायकों को अफसरशाही से कोई शिकायत नहीं है और न ही आज तक उन्हें ऐसी कोई शिकायत ही मिली है।
प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ ने हाल ही में कहा था कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को प्रदेश की कमान अब अपने हाथ में ले लेनी चाहिए। उनका सीधा इशारा अफसरशाही की ओर था, जिसके बारे में कहा जाता रहा है कि प्रदेश में सरकार अफसर ही चला रहे हैं। आशा कुमारी ने कहा कि सभी विधायक सरकार के कामकाज से खुश हैं और किसी को भी राज्य की अफसरशाही की कोई शिकायत नहीं है।
उन्होंने कहा कि किसी भी विधायक ने इस बाबत उनके पास कभी कोई शिकायत नहीं दी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में मंत्रियों के कामकाज के आधार पर फेरबदल करने के बारे में अभी तक पार्टी हाईकमान ने कोई चर्चा नहीं की है लेकिन कैबिनेट में एक मंत्री का पद अभी खाली है, जिसे भरा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि किसे और कब मंत्री बनाया जाएगा, इसका फैसला मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पार्टी हाईकमान द्वारा लिया जाएगा। यह खाली मंत्री पद किसे मिल सकता है, इस सवाल के जवाब में आशा कुमारी ने कहा कि अभी इस संबंध में कोई फैसला नहीं लिया गया है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह की कार्यप्रणाली से नाखुश चल रहे विधायकों के बारे में एक सवाल पर आशा कुमारी ने कहा कि विधायकों की सरकार से नाराजगी की कोई बात अब तक उनके ध्यान में नहीं लाई गई और न ही इस संबंध में कोई शिकायत ही उनके पास आई है। उन्होंने कहा कि मीडिया में ही इस तरह की बातें चल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधायक को अपनी बात अपनी सरकार के समक्ष रखने का हक है। इसका अर्थ यह नहीं है कि वह विधायक अपनी सरकार से नाराज है।