अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में पीएम नरेंद्र मोदी और प्रकाश सिंह बादल को चुनौती देने के लिए चक्रव्यूह रच दिया है। साथ्ा ही पार्टी ने पंजाब में वॉलंटियर्स को जोर का झटका दिया है।
सबकी उम्मीदों से परे बीते शुक्रवार को पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी ने एकाएक सुच्चा सिंह छोटेपुर को पंजाब का कन्वीनर घोषित कर दिया। वहीं, सांसद भगवंत मान को प्रचार अभियान की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
इस फैसले से पार्टी का एक बड़ा वर्ग सकते में है। क्योंकि हाल ही में मिशन विस्तार के तहत एडहॉक कमेटी गठित कर निचले स्तर से सूबा स्तर तक संगठन खड़ा करने की तैयारी शुरू की गई थी।
निचले स्तर के वर्कर को देनी थी पॉवर
पार्टी लीडरशिप शुरू से ही स्वराज का नारा देती आई है। पार्टी संविधान में भी निचले स्तर के वर्करों को पावर देने की बात कही गई है।
पंजाब में लोकसभा चुनाव के बाद उभरी गुटबाजी को शांत करने के लिए मनीष सिसोदिया की अगुवाई में एक टीम ने जून-14 में पंजाब का दौरा किया था।
टीम ने सभी लोकसभा हलकों के वर्करों से मीटिंग की थी, जिसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि पार्टी की लीडरशिप नीचे से ऊपर की तरफ जाएगी। सबसे पहले बूथ लेवल वर्कर अपना नेता चुनेंगे।
फिर सभी बूथ लीडर मिलकर जिले का लीडर चुनेंगे। सभी जिलों के लीडर सूबे का कन्वीनर चुनेंगे। सिसोदिया ने सभी वर्करों से डट कर बूथ लेवल कमेटियां बनाने को भी कहा था।
मिशन विस्तार को बनाई एडहॉक कमेटी
इतना ही नहीं, इस दौरे के बाद पंजाब में मिशन विस्तार चलाने को एक एडहॉक कमेटी बना दी गई। जिसमें सभी सांसद, प्रमुख नेता और पंजाब प्रभारी जरनैल सिंह हैं। इसके बीच एकाएक पार्टी ने यू-टर्न लेते हुए सुच्चा सिंह छोटेपुर और भगवंत मान को अहम जिम्मेदारी सौंप दी, जिससे वर्कर खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
उन्हें समझ नहीं आ रहा कि एक तरफ मिशन विस्तार की तैयारी चल रही है। फिर अचानक इस ऐलान की क्या जरूरत पड़ गई थी। पार्टी के एक बड़े वर्ग में यह बात भी चल रही है कि जिस तरह दूसरी पार्टियों में दिल्ली से ही सब कुछ तय होता है। उसी तरह ‘आप’ में हो रहा है तो फिर इसमें और दूसरी पार्टियों में क्या फर्क है।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने एचएस फुलका को प्रदेश प्रवक्ता तक सीमित रखने का मन बनाया है, जबकि पहले वह खुद स्टेट कन्वीनर पद के दावेदार थे। लोकसभा चुनाव के समय अहम भूमिका निभाने वाले कई अन्य लोगों को भी दरकिनार किया गया है। सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी को पहले ही लोकसभा में पार्टी नेता का पद दिया जा चुका है।
आज तय होगी मिशन विस्तार की रूपरेखा
आम आदमी पार्टी ने पंजाब में संगठन खड़ा करने के लिए मिशन विस्तार की योजना तैयार की है। जिसे लेकर रविवार को जालंधर में अहम बैठक होने जा रही है। जिसमें राष्ट्रीय नेता संजय सिंह व जरनैल सिंह, सभी सांसद और एडहॉक कमेटी के मेंबर मौजूद रहेंगे।
बैठक में बूथ स्तर से लेकर सूबे तक संगठन खड़ा करने का खाका तैयार किया जाएगा। राष्ट्रीय नेतृत्व ने इसके लिए कम से कम छह महीने और अधिकतम एक साल की डेडलाइन रखी है, जिसमें संगठन खड़ा किया जाना है। रविवार की मीटिंग में इसी की रूपरेखा तैयार होगी।