पंजाब में करीब 20 हजार सरकारी स्कूल हैं। इसमें बेंच नहीं है, बच्चे टाट पर बैठते हैं। छतों से पानी गिरता है। दीवारें टूटी पड़ी हैं। टीचर नहीं हैं, पीने का पानी नहीं है और टायलेट में गंदगी है। बच्चियों को टॉयलेट के लिए स्कूल छोड़कर घर जाना पड़ता है। स्कूलों में बाउंड्रीवाल नहीं है, चौकीदार नहीं है। उन्होंने कहा कि एक आम आदमी बड़ी मजबूरी में सरकारी स्कूल में भेजता है।
अगर किसी के पास दो पैसे भी हो जाए तो वो अपना पेट काट कर अपने बच्चे को प्राइवेट स्कूल में भेजता है। आज से पंजाब में ये सब बदल जाएगा। आज हम एक ऐसे स्कूल का उद्घाटन करके आए हैं कि लोग अब अपने बच्चे को प्राइवेट स्कूलों से निकाल कर सरकारी स्कूल में भर्ती कराएंगे। स्कूल में शानदार क्लासरूम और डेस्क है। खेल की सारी सुविधाएं हैं। जिम है और ऑडिटोरियम बनने वाला है।
बच्चों को लाएगी स्कूल बस
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि किसी भी सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले टीचर कभी भी अपने बच्चे को सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ाते हैं। मुझसे आज कई टीचरों ने कहा कि उनके बच्चे पहले अमृतसर में प्राइवेट स्कूल में पढ़ते थे, हमने अपने बच्चों का नाम कटाकर इस सरकारी स्कूल में लिखवाया है। इससे बड़ा सर्टिफिकेट हमें नहीं मिल सकता। यह बहुत बड़ी बात है। मुझे एक बच्ची मिली। उसके मां-बात तरनतारन में रहते हैं। उसने बताया कि उसके माता-पिता ने अमृतसर में किराए पर घर लिया। मेरे मां-बाप के पास किराए के लिए पैसे नहीं थे लेकिन जब से ये सरकारी स्कूल खुला है, आप की सरकार ने बस चालू कर दी है। वो बस तरनतारन तक जाती है। अब उस बच्ची के मां-बाप को अमृतसर में किराये पर घर लेने की जरूरत नहीं है।
अब पूरे होंगे गरीब बच्चों के सपने
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब इस वजह से गरीबों को अपने बच्चों को अनपढ़ नहीं रखना पड़ेगा कि उनके पास किराया देने के पैसे नहीं है और घर के पास कोई अच्छा स्कूल नहीं है। एक बच्ची ने बताया कि उसके पिता रिक्शा चलाते हैं और मां घरों में काम करके गुजारा करती है। मैं डॉक्टर बनना चाहती हूं। अब उस लड़की को लगता है कि वो डॉक्टर बन सकती है। कल तक उस बच्ची के सपने पूरे नहीं हो सकते थे। कोई बच्चा वकील, कोई आईपीएस, कोई डॉक्टर तो कोई इसरो में जाना चाहता है। गरीबों के बच्चों के भी सपने हैं लेकिन वो सपने अभी तक पूरे नहीं होते थे, क्योंकि सरकारी स्कूलों की हालत बहुत खराब थी। आज सीएम भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार ने गरीबों के बच्चों को वो पंख दिए हैं, अब उनके सपने पूरे होने वाले हैं।
आपके बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी मेरी
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चुनाव के दौरान हमने वादा किया था कि पंजाब के जितने भी लोग हैं, उनके बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी हमारी है। तब लोग यकीन नहीं करते थे। मैं आपके बच्चों को अपना बच्चा मानता हूं। आपके बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी मेरी है। मैंने ये गारंटी दी थी। आज वो सपना पूरा करने का काम शुरू हो गया है। ये पहला स्कूल है। अब इसी तरह के पूरे पंजाब में और भी स्कूल बनाए जाएंगे। 117 स्कूलों का निर्माण कार्य चालू हो गया है। पहले फेज में इस तरह के 117 स्कूल बनाएंगे। इन 117 स्कूलों में 8200 सीट हैं और एडमिशन लेने के लिए करीब एक लाख बच्चों ने आवेदन किया है। अभी तक प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन लेने के लिए सिफारिश लगती थी। एक लाख बच्चों के पेपर हुए और उसमें से 8200 बच्चों का एडमिशन हुआ। मैं वादा करता हूं कि आने वाले दिनों में हम पंजाब के सभी 20 हजार सरकारी स्कूलों को ठीक करेंगे।
गरीबों के बच्चों को बेकार और अमीरों के बच्चों को अच्छी शिक्षा, अब ये नहीं चलेगा
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में हमारी सरकार बनने से पहले 2017-18 में सरकारी स्कूलों में 10वीं के 58 फीसद नतीजे आए थे। हमारी सरकार बनने के बाद इस साल सरकारी स्कूलों में 10वीं के 97 फीसद नतीजे आए हैं। इसी तरह 2017-18 में 12वीं के 68 फीसद नतीजे आए थे और हमारी सरकार बनने के बाद 92 फीसद आए हैं। हमने पूरे देश में वन नेशन वन एजुकेशन का नारा दिया है। सबको एक जैसी अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए। गरीबों के बच्चों को बेकार और अमीरों के बच्चों को अच्छी शिक्षा, अब ये नहीं चलेगा।
अब पंजाब में ईमानदार सरकार है
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक फिल्म जवान आई है। ये बहुत अच्छी फिल्म है। फिल्म में शाहरूख खान कहते हैं कि ये चुनाव से पहले वोट मांगने आएंगे, ये धर्म-जाति के नाम पर वोट मांगेंगे, लेकिन धर्म-जाति के नाम पर वोट मत देना। इन सारी पार्टियों से पूछना कि मेरे बच्चों की शिक्षा के लिए क्या करोगे। मेरे परिवार के इलाज के लिए क्या करोगे। मैं शाहरुख खान से कहना चाहता हूं कि पूरे देश में अकेली आम आदमी पार्टी है जो बच्चों की शिक्षा और आम आदमी के इलाज के लिए काम करती है। 75 साल बाद हमने कर दिखाया, 75 साल में ये लोग भी कर सकते थे। अगर डेढ़ साल के अंदर भगवंत मान शिक्षा क्रांति कर सकते हैं, आठ साल के अंदर दिल्ली में शिक्षा-स्वास्थ्य क्रांति हो सकती है तो 75 साल में इन दूसरी पार्टियों से भी हो सकती थी, लेकिन इनका मन नहीं था। इनका सिर्फ पैसे में मन लगता है। इन्होंने खूब पैसे कमाए। रेड के दौरान भ्रष्टाचारियों के यहां से नोट गिनने की मशीने मिली हैं। अब पंजाब में एक ईमानदार सरकार आई है जो आपका एक-एक पैसा आपके ऊपर खर्च कर रही है।
हमारा नशे वालों के साथ कोई लेना-देना नहीं
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकारों में पैसे की कमी नहीं है। पंजाब के ऊपर इन लोगों ने काफी सारा कर्ज छोड़ दिया है। हमारी सरकार पुराना कर्ज भी चुकता कर रही है। साथ ही पंजाब का विकास भी हो रहा है। सारे काम होंगे, पैसे की कमी नहीं होगी। पंजाब के लोग हम पर अपना विश्वास और प्यार बनाए रखें। उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में नशे के खिलाफ जबरदस्त अभियान चला है। पंजाब पुलिस जबरदस्त काम कर रही है। हमें पंजाब से नशा भी खत्म करना है। पहले पुरानी दलों के परिवार वाले नशा कराते थे। हमारा नशे वालों के साथ कोई लेना-देना नहीं है। जो हमारे युवाओं की जिंदगी बर्बाद करेगा, उसको किसी हालत में नहीं छोड़ेंगे।
आज पंजाब में शानदार सरकारी स्कूल की शुरुआत हो रही है: भगवंत मान
पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। आज पंजाब में शानदार सरकारी स्कूल की शुरुआत हो रही है। हालांकि इसे 70-75 साल पहले शुरू हो जाना चाहिए था। सरकारी स्कूल की बिल्डिंग शानदार है और अब एक ही बेंच पर रिक्शेवाले, जज और आईएएस का बच्चा बैठ कर पढ़ेगा। पंजाब में अब शिक्षा क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। पहले पंजाब में सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग की रंगाई करके बाहर स्मार्ट स्कूल लिख दिया जाता था लेकिन अंदर कुछ नहीं होता था। स्कूल में टीचर तो काबिल हैं लेकिन उनको पढ़ाने का वैसा माहौल नहीं मिलता था।
भगवंत मान ने कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल ने दिल्लीवालों से कहा कि अगर मैंने काम किया है तो मुझे वोट देना और अगर काम नहीं किया है तो मत देना। यह कहने के लिए जिगर चाहिए। ये लोग हर पांच साल में आकर कहते हैं कि एक मौका और दे दो। उन्होंने कहा कि पंजाब में आज हर सप्ताह युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है। अब तक हमारी सरकार पंजाब में 36 हजार 97 सरकारी नौकरियां दे चुकी है।