पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत ने आम आदमी पार्टी के दो बड़े सपने चूर-चूर कर दिए। अब क्या करेंगे पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल। दरअसल, पंजाब से आम आदमी पार्टी के मिशन गुजरात को झटका लगा है।
पार्टी पंजाब फतेह करने के बाद गुजरात में जबरदस्त ढंग से एंट्री करना चाहती थी। लेकिन पंजाब में आप की उम्मीदों को जोरदार झटका लगा है। पार्टी यहां 21 सीटों के आसपास सिमटती नजर आ रही है। हालांकि वह सूबे में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी है।
आप ने पिछले लोकसभा चुनाव में पंजाब से चार सीटें जीत कर इतिहास रचा था। दिल्ली की सत्ता में आने के बाद से पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की नजरें पंजाब पर थीं।
उन्हें विश्वास था कि देश की राजनीति में तीसरे विकल्प के रूप में उभरने का रास्ता पंजाब से ही होकर जाता है। इसलिए पार्टी ने विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी थी। माहौल भी पूरी तरह आप के पक्ष में नजर आ रहा था। खासतौर पर मालवा में आप ने जबरदस्त प्रभाव बनाया था।