भाजपा के उम्मीदवार अरुण जेटली ने कहा कि वे प्रियंका वाड्रा से सहमत हैं कि व्यक्तिगत हमले दर्द देते हैं और इनसे बचना चाहिए। लेकिन, जेटली ने प्रियंका को सलाह भी दी कि पहले अपनों को बताएं बाद में परायों को।
अपने चुनाव प्रचार ब्लॉग पर अरुण जेटली ने लिखा है-प्रियंका वाड्रा दावा कर रही हैं कि वह राजनीति का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी मां और भाई की उनके निर्वाचन क्षेत्रों में मदद कर रही हैं और यह उनका अधिकार है।
प्रियंका ने कहा था, व्यक्तिगत हमले दर्द देते हैं
बीते दिन प्रियंका गांधी ने इस बात पर टिप्पणी की कि उनके पति रॉबर्ट वाड्रा पर किए गए व्यक्तिगत हमले से उन्हें दुख हुआ, जो कि निवेश की प्रवृत्ति को लेकर विवाद में रहे हैं।
पहली बात तो यह कि यह निवेश बिना मूल पूंजी और असाधारण रिटर्न का है। जाहिर है कि इसमें कुछ तो असाधारण है, जिस पर विश्वास करना मुश्किल है।
पहले सहमति फिर सलाह
जेटली ने लिखा है-प्रियंका सही हैं कि व्यक्तिगत हमले दर्द देते हैं। इनसे बचा जाना चाहिए। मैं कामना करता हूं कि उनके राजनीतिक दोस्त भी इस बात को समझें। उन्हें यदि यह एहसास हो गया था, तो उनके भाई नरेंद्र मोदी के तथाकथित बाल विवाह को सार्वजनिक मुद्दा नहीं बनाते। स्नूपगेट के मुद्दे पर भी कांग्रेस को एक महिला को सुरक्षा नहीं देनी पड़ती।
मोदी के खिलाफ एक केस जिसमें अदालतों ने एफआईआर की भी जरूरत नहीं समझी, उस केस को कांग्रेस ने झूठ और बेबुनियाद आधार पर 12 साल तक घसीटा। निश्चित रूप से यदि मां ने बेटी की बात सुनी होती, तो वह मोदी को मौत का सौदागर नहीं कहतीं।