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आम बजटः जेटली के पिटारे से राहत की उम्मीद

Sat, 28 Feb 2015 10:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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यदि देश में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है तो आम बजट में हेल्थ सेक्टर के लिए कम से कम सात फीसदी बजट निर्धारित करना होगा। अभी यह सिर्फ 1.6 फीसदी के करीब है। जब तक बजट नहीं बढ़ेगा, तब तक लोगों को इलाज मुहैया नहीं हो पाएगा। ग्रामीण इलाकों में अब तक कुल 27 हजार डिस्पेंसरी है।
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 इन्हें तीन गुना करने की जरूरत है। इसके लिए डाक्टरों की पोस्ट को भी बढ़वाने की जरूरत है। यह सब बिना बजट के संभव नहीं है। दूसरी अहम डिमांड यह है कि जो छोटे नर्सिंग होम्स हैं, उन्हें टैक्स इन्सेंटिव देने की जरूरत है। यदि इन्हें टैक्स में छूट मिलेगी तो वे गांवों व कस्बों में अपने नर्सिंग होम खोल सकेंगे।

अभी सरकार बड़े-बड़े अस्पतालों को ही छूट दे रही है। छूट मिलने के बावजूद वे गांवों में अपने अस्पताल खोलेंगे नहीं। ऐसे में छोटे अस्पतालों को यह सुविधा देनी चाहिए। इसका सीधा फायदा मरीजों को ही मिलेगा।
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- डा. नीरज नागपाल, कन्वीनर मेडिकल लीगल एक्शन ग्रुप

बीमा क्षेत्र की उम्मीद

देश में संपूर्ण बचत में घरेलू बचत का बहुत बड़ा योगदान है। इसके लिए जीवन बीमा के प्रीमियम भुगतान के लिए 1.5 लाख रुपये की छूट के लिए धारा 80 सीसीई में अलग सीमा पर विचार किया जाना चाहिए।

स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम के लिए धारा 80डी के तहत भी छूट सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये किया जाना चाहिए।

चालू खाता घाटे में और सुधार के लिए सरकार को निर्यात बढ़ाने पर भी अधिक जोर देना चाहिये। रुपये की प्रतिस्पर्धी एक्सचेंज दरों और क्षेत्र विशिष्ट मुद्दों पर नीतिगत फोकस से देश का निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी।
राजेश सूद, सीईओ एवं एमडी मैक्स लाइफ इंश्योरेंस

‘इनकम टैक्स लिमिट साढ़े पांच लाख की जाए’

कर्मचारियों को आयकर में छूट मिले। इसकी सीमा कम से कम साढ़े पांच लाख रुपये हो। इसके अलावा कर्मचारियों की भर्ती पर रोक हटे ताकि वर्क लोड कम हो सके।
राकेश कुमार, कन्वीनर, को आर्डिनेशन ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी इंपलाइज एंड वर्कर्स

कर्मचारियों को राहत देने वाला बजट होना चाहिए। आय कर में छूट की सीमा में इजाफा होना चाहिए। होम लोन के ब्याज दर में कटौती होनी चाहिए
-हरजिंद्र सिंह, इंटक उपाध्यक्ष

आय कर की सीमा बढ़नी चाहिए, खासकर महिलाओं के लिए। इस समय कामर्शियल प्रापर्टी पर सर्विस टैक्स लिया जा रहा है, उस पर पूरी तरह से पाबंदी लगनी चाहिए।
हितेश पुरी, वकील एवं फॉसवेक के मुख्य प्रवक्ता
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व्यापारियों ने ये उम्मीदें लगा रखी हैं

इलेक्ट्रानिक आइटम के रेट नहीं बढ़ने चाहिए बल्कि पहले के मुकाबले में जो रेट है उनमे कटौती होनी चाहिए।
सुरेंद्र शर्मा, अध्यक्ष, सेक्टर-15 आरडब्लयू

इस समय व्यापारियों पर चौतरफा मार पड़ रही है। व्यापारियों से लिए जाने वाले टैक्स और वैट को कम किया जाना चाहिए। इस तरह का माहौल बनाया जाए जिससे कि कारोबार में इजाफा हो। वायलेशन के नाम पर लिए जा रहे जुर्माना पर पाबंदी लगनी चाहिए।
- जगदीश कपूर, सलाहकार, व्यापार मंडल

रेल बजट से किसी को भी कुछ नहीं मिला है। ऐसे में आम बजट से व्यापारियों को काफी उम्मीद है। आय कर सीमा में इजाफा होना चाहिए ताकि व्यापारी भी ज्यादा से ज्यादा बजट कर सके। वन विंडो सिस्टम को भी लागू करना चाहिए।
-जगदीश अरोड़ा, चेयरमैन, चंडीगढ़ बिजनेस काउंसिल

हम ऐसे बजट की उम्मीद कर रहे हैं जो कारोबार में उत्साह लाए। सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता लाई जानी चाहिए और इनकम टैक्स की लिमिट 3 लाख रुपये से बढ़ाई जानी चाहिए।
- चरणजीव सिंह, अध्यक्ष, व्यापार मंडल 
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