आफिसर कॉलोनी में कुछ दिन पहले मामूली बात को लेकर दो सगे भाइयों बलकार सिंह और हरबंस सिंह से मारपीट की गई थी। सोेमवार को बलकार सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस पर भड़के परिजनों ने मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर समाना भाखड़ा पुल पर शव के साथ सड़क जाम कर दी।
धरनाकारियों ने कहा कि जब तक बलकार सिंह के कातिलों को पुलिस हिरासत में नहीं ले लेती, वह शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। मृतक का परिवार डेरा सिरसा से जुड़ा होने के कारण बड़ी संख्या में डेरा प्रेमियों ने भी इस धरने में शिरकत की।
मृतक बलकार सिंह के पिता हमीर सिंह ने बताया कि उनका बेटा टैंपो चलाता था। वह अपने घर के बाहर खड़े टैंपो को बैक करने लगा, इसी दौरान अनजाने में उसका टैंपो गली में खड़ी पड़ोसियों की बाइक से टकरा गया। इस पर उनके पड़ोसियों हरविंदर सिंह, काला सिंह, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी और जगमीत सिंह उर्फ टिंकूने उसके बेटे बलकार सिंह पर लोहे की छड़ों से हमला बोल दिया।
शोर सुन कर उसका भाई हरबंस सिंह बाहर आया तो हमलावरों ने उसे भी बुरी तरह से पीट दिया। दोनों को समाना के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से बलकार सिंह को डॉक्टरों ने पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर कर दिया। राजिंदरा अस्पताल से उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया, जहां सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। धरना दे रहे लोगों को शांत करने के लिए समाना के डीएसपी अमरजीत सिंह घुम्मन पहुंचे, लेकिन धरनाकारी अड़े रहे। धरने के कारण लोगों को दिक्कतें हुईं। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। डीएसपी ने कहा कि आरोपियों पर केस दर्ज किया हुआ है। अब बलकार की मौत के बाद धारा में बढ़ोतरी कर दी गई है। धारा 302 लगा दी गई है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी।