कजौली वाटर वर्क्स की सप्लाई से पंचकूला और चंडीमंदिर को उसके हिस्से का 9 एमजीडी पानी इन गर्मियों में भी नहीं मिल पाएगा।
नगर निगम के अफसरों के अनुसार पंचकूला ने इसके लिए पाइप लाइन बिछाने का काम अभी पूरा नहीं किया है। इस पानी में से तीन एजीडी पानी चंडीमंदिर को जाना था।
हुडा का दावा लाइन बिछाने का काम पूरा
दूसरी ओर हरियाणा विकास प्राधिकरण (हुडा) के अधिकारियों ने दावा किया है कि पंचकूल में पांच किलोमीटर पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार पांच किलोमीटर के दायरे में हाऊसिंग बोर्ड के आगे पीरबाबा से सेक्टर-एक और मनसा देवी कॉम्पलेक्स में दो वाटर वर्क्स तक लाइनें बिछाईं गई हैं।
गर्मियों में होगी किल्लत
चंडीगढ़ को इस समय 67 एमजीडी पानी नहरों से सप्लाई हो रहा है, जबकि 20 एमजीडी ट्यूबवेल से आता है। इस तरह कुल आपूर्ति 87 एमजीडी है, जबकि गर्मियों में मांग 116 एमजीडी तक पहुंच जाती है।
गर्मियों में पानी की किल्लत से हर बार की तरह इस बार भी चंडीगढ़ के लोगों को दो-चार होना पड़ेगा। पिछले साल 38 नए ट्यूबवेल लगाने का प्रस्ताव पास हुआ था। पर इस दिशा में खास काम नहीं हुआ। जून तक यह काम पूरा होने के आसार भी कम दिख रहे हैं।
चंडीगढ़ के भी इंतजाम अधूरे
सूत्रों की मानें तो गर्मियों में पानी की किल्लत से निपटने के लिए चंडीगढ़ के इंतजाम भी अधूरे ही हैं। पानी की समस्या न हो इसके लिए शहर में 38 नए ट्यूबवेल लगाने का प्रस्ताव पास हुआ था।
कोड ऑफ कंडक्ट लागू होने के चलते इनका काम रुका पड़ा है और जून तक यह काम पूरे होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इसी कमी को पूरा करने के लिए नगर निगम ने पंचकूला-चंडीमंदिर को पानी न देने का फैसला किया है।