हरियाणा की खट्टर सरकार ने बीते साल के जाट आंदोलन से सबक लेते हुए कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। सरकार ने जाट आंदोलन के मद्देनजर केंद्र सरकार से सुरक्षा बलों की 55 कंपनियां मांगी हैं।
गृह सचिव रामनिवास ने बताया कि आरक्षण को लेकर 29 जनवरी से प्रस्तावित धरनों के दौरान वीडियोग्राफी कराई जाएगी। प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए धरनों के मद्देनजर जिला मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं।
सुरक्षा बलों की कंपनियां मांगने के साथ ही 7000 होमगार्ड के जवान तैनात करने के लिए कॉल आउट नोटिस दिया गया है।
7 हजार होमगार्ड्स को कॉल आउट नोटिस
जाट आरक्षण
- फोटो : फाइल फोटो
उन्होंने धरने देने का आह्वान करने वाले जाट नेताओं से अनुरोध किया कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखें, सरकार बातचीत के लिए हमेशा तैयार है। प्रजातांत्रिक तरीके से प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है।
धरना देने वाले लोग धरनों के दौरान शरारती तत्वों पर नजर रखें। सरकार भी नजर रखेगी। रामनिवास ने बताया कि धरने देने वाले नेताओं ने आश्वासन दिया है कि वे अपनी बात शांतिपूर्ण ढ़ंग से रखेंगे।
उन्हें उम्मीद है कि धरने के कार्यक्रम शांतिपूर्ण ही होंगे। प्रशासन ने अपनी तरफ से कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी की हुई है। हाइवे, रेलवे-ट्रैक बाधित न हों और किसी भी प्रकार की संपत्ति का नुकसान न हो, इसके लिए सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों व प्रशासन को हिदायतें दे दी हैं।