हरियाणा सरकार ने जाट आंदोलन के दौरान शांति बनाए रखने के लिए कमर कस ली है। सोमवार शाम यहां उच्च स्तरीय बैठक हुई।
इसके बाद मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने सभी उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों को वीडियो कांफ्रेंसिंग से 29 जनवरी को प्रस्तावित जाट आरक्षण आंदोलन के मद्देनजर कानून एवं व्यवस्था हर हालत में बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
यदि कोई भी जाट नेता या व्यक्ति धरना देने की अनुमति चाहता है, तो उसे लिखित में नुकसान की जिम्मेवारी भी लेनी होगी। धरना का स्थान हाईवे व रेल ट्रैक से दूर रहेगा। डीसी-एसपी को संवेदनशील क्षेत्रों का संयुक्त रूप से दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं।