चंडीगढ़। ओलंपिक में छा जाने का सपना आंखों में लिए शहर की तैराक चाहत अरोड़ा शुक्रवार को उज्बेकिस्तान रवाना हो गईं। वहां 12 से 17 अप्रैल तक स्वीमिंग चैंपियनशिप होगी। ओलंपिक का टिकट हासिल करने के लिए यह चैंपियनशिप बेहद अहम है। यहां बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला खिलाड़ी भारत में एक अन्य चैंपियनशिप में हिस्सा लेगा। इसके बाद ओलंपिक में जाने वाली टीम की घोषणा होगी। चाहत शहर की एकमात्र महिला तैराक हैं, जो ओलंपिक क्वालीफाइंग राउंड के लिए चुनी गई हैं। देश की शीर्ष-10 तैराकों में चाहत शामिल हैं।
बंगलूरू में लगा भारतीय स्वीमिंग टीम का शिविर वीरवार को ही संपन्न हुआ है। इसमें महिला और पुरुष टीम के खिलाड़ी शामिल थे। शिविर में शामिल रहीं चाहत ने बताया कि उज्बेकिस्तान में होने वाली स्वीमिंग प्रतियोगिता काफी मायने रखती है। यहां अगर मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा तो ओलंपिक का टिकट मिल सकता है। इसके लिए मैंने शिविर में काफी अभ्यास किया है।
पिछले साल बनाए थे नए रिकार्ड
चाहत पिछले साल लॉकडाउन से पहले थाईलैंड चली गई थीं। वहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण के लिए विश्व भर से तैराक आते हैं। चाहत ने वहां माहिर प्रशिक्षकों की देखरेख में प्रशिक्षण लिया था। प्रशिक्षण लेने के बाद बैंकॉक में अक्तूबर में खेली गई थाई स्वीमिंग चैंपियनशिप में 50 मीटर और 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में दो नए रिकार्ड बनाकर देश का नाम रोशन कर चुकी हैं।
पीयू के स्वीमिंग पूल से कॅरिअर की शुरुआत
चाहत अरोड़ा राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर पिछले कुछ सालों से लगातार मेडल जीतकर देश के साथ शहर का नाम रोशन किया है। अपने स्वीमिंग कॅरिअर की शुरुआत पंजाब यूनिवर्सिटी के स्वीमिंग पूल से की। यहां कोच गुरचरण सिंह की देखरेख में विश्वविद्यालय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई।