हिमालय पर्वत के साथ लगती चीन सीमा की चौकसी चंडीमंदिर स्थित पश्चिमी कमान की सेना पंचकूला जिले के पिंजौर सिविल हवाई अड्डे से करना चाहती है। सेना पिंजौर के इस सिविल हवाई अड्डे पर करीब 40 एकड़ में अपने पांच हेलीकॉप्टर खड़ा करना चाहती है ताकि सीमा पर सेना के बड़े अफसरों की सुपरविजन आसानी से हो सके। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सेना के इस प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन दे दिया है।
हरियाणा सरकार और सेना के बीच आपसी मुद्दों को सुलझाने के लिए गत 4 जून को पश्चिमी कमान मुख्यालय में बैठक हुई थी। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने की थी।
सेना ने सीएम के सामने प्रस्ताव रखा कि पिंजौर सिविल हवाई अड्डे पर उन्हें 40 एकड़ जमीन दे दी जाए ताकि सेना अपने पांच हेलीकाप्टर खड़े कर सके। इन हेलीकॉप्टरों का प्रयोग न केवल चीन सीमा की चौकसी की सुपरविजन के लिए होगा बल्कि हिमाचल प्रदेश में किसी आपदा होने पर तत्काल सेना अपने हेलीकॉप्टरों के साथ बचाव कार्य शुरू कर सके।
सेना ने यह भी जानकारी दी कि फिलहाल पठानकोट से सेना के हेलीकॉप्टर मंगाने पड़ते हैं। पहले हेलीकॉप्टर पठानकोट से चंडीमंदिर पहुंचते हैं और उसके बाद चीन सीमा या अन्य कार्यों के लिए जाते हैं। वहां से हेलीकॉप्टर वापस चंडी मंदिर पहुंचते हैं और फिर पठानकोट लौटते हैं।
इससे ईंधन की अनावश्यक खपत होती है और पठानकोट से हेलीकॉप्टर आने में देरी भी होती है। सेना ने प्रस्ताव दिया है कि जिस तरह पंजाब के पटियाला सिविल हवाई अड्डे का सेना प्रयोग कर रही है, उन्हीं शर्तों पर पिंजौर सिविल हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने की इजाजत दी जाए।
पहले मांगी थी 240 एकड़ जमीन
सेना ने पिंजौर हवाई अड्डे पर पहले 240 एकड़ जमीन मांगी थी। उसे हरियाणा सरकार ने मना कर दिया। सेना ने फिर 40 एकड़ जमीन मांगी, सरकार ने उसे भी मना कर दिया। अब बैठक में सेना ने प्रस्ताव दिया कि वह पिंजौर हवाई अड्डे पर पायलट की चल रही किसी भी ट्रेनिंग में बाधा नहीं डालेंगे। केवल उस समय का प्रयोग करेंगे जब सिविल हवाई अड्डे का प्रयोग न हो रहा। इसके अलावा चीन सीमा की बात बताई तो मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने फिर से विचार करने की हां कर दी।
सेना के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विचार करने का भरोसा दिया है। हम पटियाला फ्लाइंग क्लब और सेना के बीच हुई शर्र्तों का अध्ययन करने के बाद फैसला करेंगे। अगर सेना को पिंजौर हवाई अड्डे पर जगह दी जाती है तो हवाई अड्डे का कंट्रोल सिविल प्रशासन के पास रहेगा।
एसएस ढिल्लों, मुख्यमंत्री हरियाणा के प्रधान सचिव