सेना के ट्रक जिनपर बच्चों को स्कूल लाया और ले जाया जाता है। वह बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में लगाई गई जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि सेना के ट्रक, जिनसे बच्चों को स्कूल लाया-ले जाया जाता है, वे मानकों के अनुरूप नहीं है।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सेना के स्कूल ट्रकों में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन न होने पर अब बच्चों के लिए सुरक्षित माना है। ऐसे में बच्चों के लिए स्कूल बसों का इंतजाम सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि सेना के ट्रक, जिनसे बच्चों को स्कूल लाया-ले जाया जाता है, वे मानकों के अनुरूप नहीं है।
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मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की खंडपीठ ने कहा कि केंद्र सरकार ने अदालत को विश्वास दिलाया है कि आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के सभी स्कूल बसों/ट्रकों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे या नए वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि सीबीएसई द्वारा 23 फरवरी 2017 को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सुरक्षा मानकों का पालन हो सके।
अदालत ने कहा कि बदलाव फेज वाइज किया जा सकता है, लेकिन यह काम यथाशीघ्र पूरा होना चाहिए, ताकि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आदेश का पालन नहीं हुआ, तो याचिकाकर्ता फिर से अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
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केंद्र सरकार ने कहा कि इन ट्रकों की तैनाती सरहदी क्षेत्रों में होती है और इन्हें इसी के अनुरूप तैयार किया गया है। कोर्ट ने कहा कि हम केंद्र सरकार की दलीलों को समझते हैं लेकिन स्कूली बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता । कोर्ट ने कहा कि एकदम से बदलाव नहीं किया जा सकता लेकिन हमें विश्वास है कि इस बदलाव की शुरूआत केंद्र सरकार जल्द से जल्द करेगी।