पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में हो रहे अवैध खनन को अगर रोका नहीं गया तो सेना के बंकर धंस सकते हैं। साथ ही नदी का रुख बदलने से होने वाले कटाव के कारण मार्ग छोटे हो रहे हैं। अगर हमला हुआ तो आपूर्ति बाधित हो सकती है। यह जानकारी सेना ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सौंपी गई। इस पर जवाब देने के लिए पंजाब सरकार ने मोहलत मांगी।
सेना की ओर से पश्चिमी कमान के कानून प्रकोष्ठ की प्रभारी कैप्टन आशिमा दास ने हाईकोर्ट को बताया कि अवैध खनन देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन रहा है। अवैध खनन के कारण बंकर धंसने का खतरा बना हुआ है। लगातार मिट्टी के कटाव के कारण बंकरों में दरार आएगी और वे धंस सकते हैं। इससे सेना की रक्षा क्षमता प्रभावित होगी।
सेना ने बताया कि खनन से नदी अपना मार्ग बदल सकती है। ऐसी स्थिति में मिट्टी का कटाव होगा जो सीमा की सुरक्षा के इंतजामों को प्रभावित करेगा। इसके साथ ही जिस प्रकार लगातार तेजी से खनन हो रहा है, उससे मार्ग सीमित होते जा रहे हैं, जो खतरनाक हैं क्योंकि हमले की स्थिति में इससे सेना की क्षमता प्रभावित होगी।
मार्ग सीमित होने से आपूर्ति में भी समस्या आने का खतरा है। सेना ने बताया कि खनन नदी का प्रकृतिक मार्ग बदल सकता है जिससे अप्रत्याशित बाढ़ की संभावना बढ़ गई है। इस पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा गया तो पंजाब सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए मोहलत मांग ली। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का समय देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।
चक्की पुल की रिपोर्ट रजिस्ट्री में दाखिल करने का आदेश
अवैध खनन को लेकर सुनवाई आरंभ होते ही सबसे पहले हाईकोर्ट ने चक्की पुल के बारे में जानकारी मांगी। इस पर केंद्र सरकार की ओर से मौजूद एडवोकेट अरुण गोसाईं ने हाईकोर्ट को बताया कि रेलवे की ओर से रिपोर्ट आ चुकी है। हाईकोर्ट ने इस रिपोर्ट को रजिस्ट्री में दाखिल करने का आदेश दिया है।