देशभर में सभी आर्मी स्कूलों को ऑनलाइन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके लिए ‘डिजी कैंप’ नाम का खास सॉफ्टवेयर तैयार कराया जा रहा है। इससे स्कूल स्टाफ के साथ बच्चों के अभिभावकों को भी फायदा होगा।
सॉफ्टवेयर से आर्मी स्कूलों का अकादमिक और प्रशासनिक प्रभाग लिंक कर दिया जाएगा। सॉफ्टवेयर से स्कूलों की फीस, एकेडमिक जानकारी, स्टाफ स्टेटस, अकाउंटिंग स्टेटस, अटेंडेंस, एग्जाम, रिजल्ट, टीए, वेकेंट सीट स्टेटस, नोटिफिकेशंस जैसे विकल्पों को भी जोड़ा जाएगा। इससे इन स्कूलों में खाली सीटों, छात्रों के रिजल्ट, अटेंडेंस, फीस और परीक्षा संबंधी जानकारियां लेने के लिए अभिभावकों को स्कूल आने की जरूरत नहीं होगी।
सभी स्कूल समय-समय पर विभिन्न स्टेटस अपडेट करते रहेंगे। वेस्टर्न कमांड चंडी मंदिर स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल की प्राचार्या सुमन सिंह ने बताया कि खास सॉफ्टवेयर से स्कूलों को जोड़ने का काम ‘आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसायटी’ की अगुवाई में चल रहा है। पूरे देश भर में 137 आर्मी स्कूल हैं, जो मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी इलाकों की सैन्य छावनियों में स्थापित हैं। इन स्कूलों में तकरीबन ढाई लाख छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
दस्तावेज के लिए नहीं आना होगा स्कूल
दरअसल, आर्मी स्कूलों में 90 फीसदी बच्चे सैन्य अधिकारियों व जवानों के होते हैं, जबकि 10 फीसद कोटा सिविल क्षेत्र के छात्रों के लिए होता है। ऐसे में तबादला होने पर जवानों को बच्चों के टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) इत्यादि दस्तावेज के लिए स्कूल आना पड़ता है। अब इस नेटवर्क से सभी काम ऑनलाइन ही हो जाया करेंगे।