प्रवक्ता ने बताया कि मार्च 2018 में महिला ने यूनिट की लोकेशन और सेना में प्रयोग होने वाली राइफल के बारे में जानकारी मांगी। आरोपी ने गूगल पर सर्च करके राइफल की फोटो महिला के पास भेजी। आरोपी यूनिट के साथ अमृतसर से अरुणाचल प्रदेश के लिए रवाना हो गया। इसकी जानकारी भी जासूस को दे दी।
दिसंबर 2018 में महिला ने आरोपी के अकाउंट में पांच हजार रुपये भी भेजे और कहा कि सामान ले लेना। आरोपी लगातार देश की आंतरिक व बाहरी सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जगहों की जानकारी महिला को देता रहा। सूत्रों के अनुसार इसकी जानकारी खुफिया एजेंसियों को लग गई। तब एजेंसियों ने पुलिस से साझा किया।
पांच दिन की छुट्टी पर आया था घर, चाय की दुकान से काबू
सिपाही रविंद्र आठ जुलाई को पांच दिन की छुट्टी लेकर घर आया और नारनौल रेलवे स्टेशन पर उतरा था। पुलिस को इसके बारे में पहले से जानकारी मिली थी। एसपी चंद्र मोहन ने आरोपी फौजी को गिरफ्तार करने के आदेश दिए थे। पुलिस ने आरोपी को चाय की दुकान से काबू किया।
जांच में साइबर सेल की ली जा रही मदद
रिमांड के दौरान पुलिस पता करेगी कि गिरोह में कौन-कौन शामिल है, किस-किस को जानकारियां दी गई हैं। मामले की जांच में साइबर सेल की मदद ली जा रही है। आरोपी अलग-अलग नंबरों पर व्हाट्सएप चलाता था। प्रारंभिक जांच में यह नहीं पता चल सका है कि महिला जासूस किस देश की है।
विदेशी महिला को सेना की खुफिया जानकारी देने के आरोप में फौजी रविंद्र को गिरफ्तार किया गया है। संकेत मिले हैं कि आरोपी के तार पाकिस्तान से भी जुड़े हो सकते हैं। इसके बारे उसकी कॉल डिटेल समेत अन्य जानकारी हासिल की जा रही है। - चंद्रमोहन, एसपी, नारनौल।