फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या है 'आर्मी फॉर आवाम' फार्मूला, जिसके सहारे सेना जीतेगी कश्मीरियों का दिल

Mon, 26 Aug 2019 06:49 PM IST
ajay kumar मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
भारतीय सेना के जवान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

पिछले दिनों अनुच्छेद 370 में संशोधन के बाद से अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार का जवाब सेना ‘आर्मी फॉर आवाम’ अभियान के जरिए देगी। 

विज्ञापन


इस अभियान से सेना अपनी एक अलग छाप लोगों के बीच छोड़ने में जुट गई है। सेना विभिन्न सामाजिक कार्यों के बूते आवाम को यह बताने में जुटी है कि जवान सिर्फ सरहदों की रक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि लोगों के कल्याण और विपरीत परिस्थितियों में उनकी हर संभव मदद के लिए हमेशा तत्पर हैं। 

सरहदों की रक्षा के साथ-साथ सेना के जवान कैसे देशभर में लोगों की सेवा में जुटे हैं, इसका प्रचार अब सोशल मीडिया पर और ज्यादा किया जाएगा। ताकि सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार के जरिए सेना की छवि खराब करने वाले तत्वों को मुहंतोड़ जवाब दिया जा सके।
विज्ञापन


घाटी पर रहेगा खास फोकस
देश के विभिन्न राज्यों में बाढ़ के हालात है। ऐसे हालातों में सेना और वायुसेना के जवान बाढ़ में फंसे लोगों के लिए देवदूत बनकर पहुंचे और उन्हे वहां से निकालकर उनकी जान बचाई। इस दौरान सेना ने कई दुर्गम इलाकों में पहुंचकर लोगों को मदद पहुंचाई।

सेना की एक विशेष विंग द्वारा तेजी से सैन्य जवानों के इस तरह के विभिन्न रेस्कयू ऑपरेशनों को सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, ताकि जवानों के जनसेवा के प्रति जज्बे का प्रचार किया जा सके। 

विज्ञापन

इस दौरान घाटी में सेना का खास फोकस रहेगा। अनुच्छेद 370 में संशोधन के बाद से घाटी में सेना को लेकर खूब दुष्प्रचार किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर सेना से जुड़ी कई भ्रामक प्रकार की जानकारियों को तेजी से वायरल किया जा रहा है, ताकि इंडियन आर्मी की छवि को खराब किया जा सके। लेकिन सेना अब इसका जवाब अपने किए गए कामों के प्रचार से देगी।

इस तरह के कामों का हो रहा खूब प्रचार
  • देश के विभिन्न राज्यों में सेना द्वारा चलाए गए रेस्कयू ऑपरेशन की फोटो व डिटेल की जा रही वायरल।
  • बारामूला में इंडियन आर्मी द्वारा कश्मीरी युवाओं के लिए आयोजित की गई ‘नारवाव क्रिकेट लीग’ का प्रचार।
  • कुपवाड़ा के एक गांव में सेना ने एक युवाओं के लिए एक मिलन कार्यक्रम रखा, जिसमें उन्हें बताया गया कि कैसे उन्हे एंटी नेशनल एक्टिविटी से बचना है।
  • बारामूला के डांगीवाचा में बुजुर्ग-यूथ सम्मेलन करवाया गया, सेना ने इस जरिए लोगों को साकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित किया।
  • गांव चंडीगाम की कश्मीरी बेटियों के लिए सेना ने मार्शल आर्ट्स शिविर आयोजित किया।
  • कुपवाड़ा में सेना ने कश्मीरी युवाओं के लिए ‘लोलाब किंगडम फुटबाल चैंपियनशिप’ व ‘हबीबुल्लाह मैमोरियल फुटबाल कप’ का आयोजन किया।
  • घाटी के गांव मारकूल में जमाती समर्थकों की एक मीटिंग आयेाजित की, जिसमें उन्हे अपने इलाकों में हालात सामन्य रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
  • अखनूर के चकभगवान क्षेत्र में सेना की ओर से जरूरतमंद लोगों को सहायक सामग्री बांटी गई। इस तरह काफी ऐसे सामाजिक कार्य हैं, जिसका प्रचार सेना द्वारा खूब किया जा रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें