जान हथेली पर रखकर देश की सुरक्षा करने वाले सशस्त्र बलों के जवानों, उनके परिवारों और आश्रितों के लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश के सरकारी विभागों में इनका कोई काम नहीं लटकेगा। सभी अधिकारी और कर्मचारी इनके कामों को स्नेह व सम्मानपूर्वक तरीके से प्राथमिकता के आधार पर निपटाएंगे। हर विभाग के कार्यालयों में जवानों और उनके परिवारों के लिए अलग से काउंटर स्थापित होंगे। उन्हें लंबी लाइन में भी नहीं लगना पड़ेगा। जवान और उनके परिजन अपनी सुविधा के अनुसार कार्यालयों में जाकर कार्य करवा सकेंगे।
हरियाणा सरकार ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी और एसडीएम को कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस संबंध में हरियाणा सरकार को पत्र लिखा था। जिसके बाद सरकार हरकत में आई है। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों पर सरकार अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। मुख्य सचिव हरियाणा की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सशस्त्र बलों के जवान विषम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपनी जान की परवाह किए बगैर देश की सुरक्षा और सेवा करते हैं।
जवान अपने घर परिवार से हजारों किलोमीटर दूर जोखिम भरे इलाकों और खराब मौसम में डयूटी पर तैनात रहे हैं। सशस्त्र बलों में थलसेना, वायुसेना और नौसेना, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ के कार्यरत जवान, अधिकारी और सेवानिवृत्त पूर्व सैनिक इत्यादि शामिल हैं।