फॉरेंसिक एक्सपर्ट बनना है: रवलीन
रवलीन कौर ने बताया कि इस मुकाम पर पहुंचने के लिए कठिन मेहनत की है। भविष्य में फॉरेंसिक एक्सपर्ट बनना चाहती हूं क्योंकि यह सब विषयों से अलग है। हर कोई इस संकाय में जाने की दिलचस्पी नहीं दिखाता लेकिन मैं हमेशा से बायोलॉजी से प्रेरित रही हूं इसलिए फॉरेंसिक साइंस में अपना भविष्य बनाना चाहूंगी। मेरी पढ़ाई में मेरे माता-पिता और शिक्षकों ने खूब मदद की है। मेरी मां चंडीगढ़ में सरकारी स्कूल की अध्यापिका हैं और पिता रियल इस्टेट में हैं। चौथी में पढ़ती मेरी छोटी बहन ने हमेशा से मेरा साथ दिया है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के लिए शार्टकट नहीं मन लगाकर मेहनत करें, अच्छा परिणाम जरूर आएगा।
रवलीन कौर अपने परीवार के साथ।
इंजीनियरिंग करना चाहती हैं तारिनी
सेक्टर-126 मोहाली की रहने वाली मदेती तारिनी ने 98.80 प्रतिशत प्राप्त किया है। वह चंडीगढ़ के सेंट जेवियर्स स्कूल की छात्रा हैं। तारिनी ने बताया कि भविष्य में इंजीनियरिंग कर गूगल या माइक्रोसॉफ्ट के साथ काम करना चाहती हूं। उनके पिता मदेती प्रभाकर और माता मंजू दोनों ही आईआईटी रोपड़ में प्रोफेसर हैं। परीक्षा की तैयारियों में माता-पिता ने काफी सहयोग किया। तारिनी ने बताया कि दसवीं बोर्ड की पढ़ाई तनावमुक्त रहकर की। तनाव परीक्षा में प्रदर्शन को खराब करता है। पढ़ाई के दिनों में खुद को तनावमुक्त रखने के लिए संगीत सुनती थीं। परीक्षाओं की तैयारियों के लिए सैंपल पेपर हल किए।
तारिनी अपने अभिभावकों के साथ।
डॉक्टर बनना चाहती हैं अनुशा
सेक्टर-44 की रहने वाली सेंट स्टीफंस स्कूल की छात्रा अनुशा ने परीक्षा में 98.80 प्रतिशत अंक लिए हैं। अनुशा ने बताया कि वह डॉक्टर बनना चाहती हैं। उन्हें दसवीं बोर्ड की तैयारी उनकी मम्मी आस्था कुहाड़ ने घर पर ही करवाई थी। वे अक्सर उन्हें विज्ञान पढ़ाती थीं। दसवीं में स्कूल की सारी कक्षाएं लगभग ऑनलाइन ही लगाई थीं। इससे स्कूल आने जाने का समय भी बचा। परीक्षा की तैयारियों के दिनों में खुद को फ्रेश रखने के लिए बैडमिंटन खेलती थीं। इसके अलावा दसवीं में डिबेट प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया था। पिता डॉ. अनुराग कुहाड़ पीयू के यूआईपीएस विभाग में प्रोफेसर हैं।
अनुशा अपने परिवार के साथ।