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ICSE 10th Board Result: अरमान चहल और रवलीन कौर ने ट्राइसिटी में किया टॉप, 99 फीसदी अंक मिले

Mon, 18 Jul 2022 12:03 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंचकूला के सेक्टर-14 स्थित लिटिल फ्लावर कॉन्वेंट स्कूल के विद्यार्थी अरमान चहल ने बताया कि क्लास रूम के बाद वह नियमित पांच से छह घंटे की पढ़ाई करते थे। वह अंग्रेजी, गणित के चैप्टर पर अच्छा फोकस रखते थे। इस वजह से ही यह मुकाम हासिल हुआ।
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अपने परिवार के साथ टॉपर अरमान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईसीएसई दसवीं में लिटिल फ्लावर कॉन्वेंट स्कूल सेक्टर-14 पंचकूला के छात्र अरमान चहल और यादवेंद्र पब्लिक स्कूल मोहाली की छात्रा रवलीन कौर 99 प्रतिशत अंक लेकर ट्राइसिटी टॉपर रहे। चंडीगढ़ के सेंट जेवियर्स स्कूल की छात्रा मदेती तारिनी और सेंट स्टीफंस स्कूल की अनुशा ने 98.80 प्रतिशत अंक लेकर ट्राइसिटी में दूसरे स्थान पर रहीं। 

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स्ट्राबेरी फील्ड हाईस्कूल की छात्रा टिया ने 98.40 प्रतिशत अंक लेकर तीसरा स्थान हासिल किया है। बोर्ड की ओर से परिणाम रविवार शाम को जारी किए गए। सीआईएससीई 10वीं बोर्ड में शहर के सेंट स्टीफंस के 222, सेंट जेवियर्स के 228, टेंडर हार्ट के 82 और स्ट्राबरी हाईस्कूल के 98 छात्रों ने दसवीं बोर्ड की परीक्षा दी थी। स्कूल प्रिंसिपल ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। 

एयरो स्पेस इंजीनियर बनूंगा: चहल 
पंचकूला के सेक्टर-14 स्थित लिटिल फ्लावर कॉन्वेंट स्कूल के विद्यार्थी अरमान चहल ने बताया कि क्लास रूम के बाद वह नियमित पांच से छह घंटे की पढ़ाई करते थे। वह अंग्रेजी, गणित के चैप्टर पर अच्छा फोकस रखते थे। इस वजह से ही यह मुकाम हासिल हुआ। वह एयरो स्पेस इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। उनके रोल मॉडल उनके अभिभावक हैं। अरमान चहल ने बताया कि उनके पिता अरविंदर सिंह चहल साइंटिस्ट हैं। उनकी मां ज्योत्स्ना चहल हाउस वाइफ हैं। उन्होंने उन्हें हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। अरमान वीडियो गेम्स खेलकर पढ़ाई के दौरान तनाव से दूर रहते थे।   

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फॉरेंसिक एक्सपर्ट बनना है: रवलीन
रवलीन कौर ने बताया कि इस मुकाम पर पहुंचने के लिए कठिन मेहनत की है। भविष्य में फॉरेंसिक एक्सपर्ट बनना चाहती हूं क्योंकि यह सब विषयों से अलग है। हर कोई इस संकाय में जाने की दिलचस्पी नहीं दिखाता लेकिन मैं हमेशा से बायोलॉजी से प्रेरित रही हूं इसलिए फॉरेंसिक साइंस में अपना भविष्य बनाना चाहूंगी। मेरी पढ़ाई में मेरे माता-पिता और शिक्षकों ने खूब मदद की है। मेरी मां चंडीगढ़ में सरकारी स्कूल की अध्यापिका हैं और पिता रियल इस्टेट में हैं। चौथी में पढ़ती मेरी छोटी बहन ने हमेशा से मेरा साथ दिया है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के लिए शार्टकट नहीं मन लगाकर मेहनत करें, अच्छा परिणाम जरूर आएगा।

                                                  रवलीन कौर अपने परीवार के साथ।

इंजीनियरिंग करना चाहती हैं तारिनी
सेक्टर-126 मोहाली की रहने वाली मदेती तारिनी ने 98.80 प्रतिशत प्राप्त किया है। वह चंडीगढ़ के सेंट जेवियर्स स्कूल की छात्रा हैं। तारिनी ने बताया कि भविष्य में इंजीनियरिंग कर गूगल या माइक्रोसॉफ्ट के साथ काम करना चाहती हूं। उनके पिता मदेती प्रभाकर और माता मंजू दोनों ही आईआईटी रोपड़ में प्रोफेसर हैं। परीक्षा की तैयारियों में माता-पिता ने काफी सहयोग किया। तारिनी ने बताया कि दसवीं बोर्ड की पढ़ाई तनावमुक्त रहकर की। तनाव परीक्षा में प्रदर्शन को खराब करता है। पढ़ाई के दिनों में खुद को तनावमुक्त रखने के लिए संगीत सुनती थीं। परीक्षाओं की तैयारियों के लिए सैंपल पेपर हल किए। 

                                                                तारिनी अपने अभिभावकों के साथ।

डॉक्टर बनना चाहती हैं अनुशा
सेक्टर-44 की रहने वाली सेंट स्टीफंस स्कूल की छात्रा अनुशा ने परीक्षा में 98.80 प्रतिशत अंक लिए हैं। अनुशा ने बताया कि वह डॉक्टर बनना चाहती हैं। उन्हें दसवीं बोर्ड की तैयारी उनकी मम्मी आस्था कुहाड़ ने घर पर ही करवाई थी। वे अक्सर उन्हें विज्ञान पढ़ाती थीं। दसवीं में स्कूल की सारी कक्षाएं लगभग ऑनलाइन ही लगाई थीं। इससे स्कूल आने जाने का समय भी बचा। परीक्षा की तैयारियों के दिनों में खुद को फ्रेश रखने के लिए बैडमिंटन खेलती थीं। इसके अलावा दसवीं में डिबेट प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया था। पिता डॉ. अनुराग कुहाड़ पीयू के यूआईपीएस विभाग में प्रोफेसर हैं।  

                                                                 अनुशा अपने परिवार के साथ।
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