रेलवे स्टेशन का ऑटो प्री पेड बूथ सिर्फ नाम का है। यहां पर यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। इस प्री पेड बूथ की जिम्मेदारी जीआरपी की है लेकिन वसूली कर रहे हैं स्टेशन पर खड़े टैक्सी और ऑटो संचालक।
यह बूथ रेल यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया है। इस बूथ पर सामान्य किराया सूची भी जारी की गई है। बावजूद इसके जीआरपी की जारी सूची को नजर अंदाज करते हुए ऑटो और टैक्सी संचालक यात्रियों का तगड़ी चपत लगा रहे हैं। इसका कारणप्री पेड बूथ पर तैनात जीआरपी के मुलाजिम अक्सर गायब रहना है। इस पूरे धांधली में करीब 1500 ऑटो और 500 टैक्सी चालक शामिल हैं।
मनमाना किराया वसूली पर जीआरपी का काबू नहीं
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर जीआरपी की ओर से ऑटो प्री पेड बूथ बनाया गया है। लेकिन यहां ऑटो और टैक्सी संचालकों की ओर से चल रही वसूली को रोकने में जीआरपी के अधिकारियों की कोशिशें नाकाम रही हैं। वहीं इस संबंध में यात्रियों का कहना है कि उनसे ज्यादा किराया चार्ज किया जा रहा है।
अंबाला मंडल, जीआरपी के एसपी दिनेश आर्या ने बताया कि अगर रेल यात्रियों से चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के ऑटो प्री-पेड बूथ पर गैर कानूनी तरीके से अधिक किराया वसूला जा रहा है, तो ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
टीपी सिंह, स्टेशन मास्टर चंडीगढ़ ने कहा कि प्री-पेड बूथ की जिम्मेदारी जीआरपी की है। रेलवे की ओर से चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के सामने की जमीन न तो टैक्सी और न ही ऑटो संचालकों को दी गई है। प्राइवेट टैक्सी ऑपरेटर और ऑटो चालक जीआरपी के संरक्षण में अपना कारोबार चला रहे हैं।
दिनेश कुमार, डीआरएम, अंबाला मंडल के अनुसार ऑटो प्री पेड बूथ चलाने के लिए रेलवे की ओर से टैक्सी व ऑटो चालकों को मंजूरी नहीं दी गई है। यह प्री पेड बूथ यात्रियों की सुविधा के लिए जीआरपी ने बताया है।