चंडीगढ़। निर्वाचन आयोग की ओर से चलाए जा रहे निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटने की संभावना बन गई है। अब तक की समीक्षा में करीब 25 हजार ऐसे मतदाताओं की पहचान हुई है, जिनके एन्यूमरेशन फॉर्म का मिलान न तो वर्ष 2002 के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के रिकॉर्ड से हो पाया है और न ही उनके माता-पिता के पुराने एसआईआर रिकॉर्ड से। हालांकि निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदाता का नाम बिना नियमानुसार प्रक्रिया पूरी किए नहीं हटाया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार ऐसे सभी मतदाताओं को अंतिम निर्णय से पहले सुनवाई (हियरिंग) का पूरा अवसर दिया जाएगा। यदि सुनवाई के दौरान संबंधित मतदाता चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी पात्रता और पहचान साबित कर देते हैं, तो उनका नाम मतदाता सूची में बरकरार रहेगा। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाने की स्थिति में ही उनके नाम हटाने की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का यह भी कहना है कि सत्यापन आगे बढ़ने के साथ ऐसे मामलों की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
चंडीगढ़ में इस समय कुल 5.16 लाख मतदाताओं की मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। निर्वाचन विभाग को करीब 2.59 लाख एन्यूमरेशन फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं। इन सभी फॉर्मों का रिकॉर्ड के साथ मिलान और सत्यापन तेजी से किया जा रहा है।
सत्यापन के दौरान यह भी सामने आया है कि करीब 8,900 मतदाता ऐसे हैं, जो चंडीगढ़ छोड़कर दूसरे राज्यों में स्थायी रूप से निवास करने लगे हैं। चूंकि वे अब चंडीगढ़ के निवासी नहीं हैं, इसलिए नियमानुसार उनके नाम स्थानीय मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। इसके अलावा करीब 1,000 ऐसे मतदाताओं की भी पहचान हुई है, जिनका निधन हो चुका है। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके नाम भी मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाना है, ताकि केवल वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम ही सूची में शामिल रहें। इसी उद्देश्य से प्रत्येक एन्यूमरेशन फॉर्म का उपलब्ध रिकॉर्ड के साथ मिलान किया जा रहा है और जिन मामलों में किसी प्रकार की विसंगति सामने आ रही है, उनकी अलग से जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार जिन मतदाताओं के दस्तावेजों, पहचान या रिकॉर्ड में कोई विसंगति पाई जाएगी, उन्हें व्यक्तिगत रूप से नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। सुनवाई के दौरान संबंधित व्यक्ति अपने दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत कर सकेगा। इसके बाद ही नियमों के अनुरूप अंतिम निर्णय लिया जाएगा। निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि यदि उन्हें कोई नोटिस प्राप्त होता है तो निर्धारित समय पर उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज अवश्य प्रस्तुत करें, ताकि पात्र मतदाताओं का नाम सूची से न हटे और मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध एवं अद्यतन बनाई जा सके।