पंजाब राज्य अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन पद पर बारी सलमानी की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। साथ ही यह भी पूछा है कि क्यों न इस नियुक्ति पर रोक लगा दी जाए?
अमृतसर के जॉनसन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए इस नियुक्ति को चुनौती दी है। याचिका में दलील दी गई है कि इस पद पर नियुक्ति करते हुए नियमों को ताक पर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना कैबिनेट की मंजूरी के बारी सलमानी को पंजाब स्टेट माइनॉरिटी कमिशन का चेयरमैन नियुक्त कर दिया।
याची ने कहा कि इस प्रकार की गई नियुक्ति कानून के अनुरूप सही नहीं है और ऐसे में इसे रद्द किया जाना चाहिए। इसके साथ ही नए सिरे से नियमों के अनुसार तय प्रक्रिया का पालन करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।
याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि याचिका लंबित रहते इस नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही तीन सप्ताह में यह बताने का आदेश दिया है कि इस नियुक्ति पर रोक क्यों नहीं लगाई जानी चाहिए?