दस नवंबर को गांव चब्बा में पंथक संगठनों द्वारा आयोजित सरबत खालसा के दौरान नियुक्त किए गए तीन तख्तों के जत्थेदारों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सभी को अलग-अलग जेलों में भेज दिया गया है। वहीं खालिस्तानी ग्रुप पंथक कमेटी जफरवाल के मुखी वस्सन सिंह जफरवाल को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
दिवाली पर श्री अकाल तख्त साहिब के एक्टिंग जत्थेदार भाई ध्यान सिंह मंड पुलिस, खुफिया एजेंसियों और टास्क फोर्स के कर्मचारियों को चकमा देकर श्री अकाल तख्त साहिब तक पहुंचने में सफल हो गए थे।
हालांकि उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब की सीढ़ियां नहीं चढ़ने दिया गया था, लेकिन उन्होंने श्री हरमंदिर साहिब की दर्शनीय ड्योढ़ी के बाहर कौम के नाम संदेश पढ़ कर सुनाया। जब वह संदेश पढ़ कर बाहर आए तो हाथी गेट के पास पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मंड को पुलिस थाना छेहर्टा ले गई जहां उनके खिलाफ धारा 107 और 151 के तहत मामला दर्ज किया गया।
मंड को 23 नवंबर तक सेंट्रल जेल में भेजा गया है। उनके साथ ही पुलिस ने जसकरण सिंह, खान सिंह वाला और भाई सतनाम सिंह मनावा को भी गिरफ्तार कर लिया गया था।
अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने भी सरबत खालसा की ओर से नियुक्त किए गए तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार भाई अमरीक सिंह अजनाला को उनके घर में पहले नजरबंद कर दिया। बुधवार शाम उनको गिरफ्तार करके ड्यूटी मजिस्ट्रेट अजनाला की अदालत में पेश किया गया।
वहां से उनको 23 नवंबर तक सेंट्रल जेल में भेज दिया गया। उनके साथ उनके एक साथी गुरप्रीत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उनको भी 23 नवंबर तक जेल भेजा गया है। इसी तरह तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल को भी पट्टी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पहले उनके पट्टी में पुलिस हिरासत में रखा गया बाद में उनके अदालत में पेश किया गया। जहां से उनको पटियाला की सेंट्रल जेल में भेज दिया गया है। इसी तरह पुलिस ने यूनाइटेड अकाली दल के महासचिव और पंथक कमेटी जफरवाल के पूर्व मुखी वस्सन सिंह जफरवाल को उनके गांव जफरवाल से गिरफ्तार कर लिया। जफरवाल ने सरबत खालसा के आयोजन में अहम भूमिका निभाई थी।