न्यूजीलैंड में पढ़ने के लिए वीजा का आवेदन करने वाले भारतीय विद्यार्थियों में आधे धोखेबाज हैं। न्यूजीलैंड की इमिग्रेशन एजेंसी के मुताबिक आवेदन करने वाले 50 फीसदी भारतीय विद्यार्थी धोखा देकर स्टडी वीजा हासिल करना चाहते हैं। इसे देखते हुए न्यूजीलैंड ने वीजा नियमों के अनुपालन को लेकर जांच और सख्त कर दी है। इससे वहां जाने वाले विद्यार्थियों की संख्या में कमी आई है।
न्यूजीलैंड स्टडी वीजा के लिए आवेदनकर्ता के परिजनों के खाते में कम से कम 25 लाख की राशि बैंक में होनी चाहिए। अक्सर आवेदक छात्रएजेंटों से बैंक में बैलेंस का फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करा लेते हैं जबकि बैंक खाते में पैसा होता ही नहीं है। दूतावास व एजेंसी कई बार जांच में इस झूठ को पकड़ लेते हैं, जिससे फर्जीवाड़ा सामने आ जाता है।
न्यूजीलैंड इमिग्रेशन एजेंसी की मानें तो फर्जीवाड़ा करने वाले भारतीय विद्यार्थियों में 85 फीसदी फाइनांस से संबंधित होते हैं जबकि बाकी 15 फीसदी अपने स्थान पर किसी अन्य को टेलीफोन इंटरव्यू के लिए खड़ा कर देते हैं। इसी के मद्देनजर जांच में सख्ती करके जुलाई 2016 में केवल 34 फीसदी भारतीय विद्यार्थियों को ही वीजा दिया गया और 66 फीसदी अयोग्य ठहरा दिए गए।