याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और घर में जबरन घुसने के आरोप एक वसीयत के इर्द-गिर्द केंद्रित विवाद से उत्पन्न हुए हैं। कोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ता का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और इसलिए, याचिकाकर्ता के भागने की संभावना नहीं हो सकती है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी महिला की अंतरिम अग्रिम जमानत मंजूर की है। उसे सार्वजनिक स्थान पर 10 स्वदेशी पौधे लगाने होंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि शर्त का पालन नहीं किया गया तो जमानत आदेश वापस ले लिया जाएगा।
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चीफ जस्टिस शील नागू ने कहा कि याचिकाकर्ता सार्वजनिक स्थान पर पौधे लगाएगा और अगली सुनवाई की तिथि से पहले रजिस्ट्री के समक्ष फोटो के माध्यम से इस संबंध में सबूत प्रस्तुत करेगा। हाईकोर्ट में फरीदाबाद की एक महिला के खिलाफ तिगांव पुलिस स्थान में धोखाधड़ी के एक मामला दर्ज किया था। महिला ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की मांग की थी।
याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और घर में जबरन घुसने के आरोप एक वसीयत के इर्द-गिर्द केंद्रित विवाद से उत्पन्न हुए हैं। कोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ता का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और इसलिए, याचिकाकर्ता के भागने की संभावना नहीं हो सकती है। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अंतरिम-अग्रिम जमानत याचिका को इस शर्त पर स्वीकार कर लिया।
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कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह भी निर्देश दिया कि जब भी उसे बुलाया जाए, वह जांच में शामिल हो। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 15 अक्टूबर के लिए स्थगित करते हुए कहा कि यह जमानत आदेश सार्वजनिक स्थान पर 10 स्वदेशी पौधे लगाने की शर्त के अधीन है।