दुष्कर्म के एक मामले में जिला अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत बंद होने के कारण आरोपी ने ऑनलाइन जमानत याचिका दायर की थी। आरोपी ने जमानत याचिका में उल्लेख किया था कि वह निर्दोष है और उसे मामले में झूठा फंसाया जा रहा है।
अभियोजन पक्ष के वकील तरमिंदर ने कहा कि आरोपी महिला को धमकाकर उसके लंबे समय तक उससे शारीरिक संबंध बनाता रहा है। यदि आरोपी को जमानत दी जाती है तो इससे दूसरे अपराधियों का उत्साह बढ़ेगा। यह तर्क देते हुए वकील ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने की मांग की।
दरअसल, जनवरी में पीड़ित महिला के पति की शिकायत पर मामले का खुलासा हुआ था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उनका बेटा शहर के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ता है। हर पैरेंट मीटिंग में उनकी पत्नी ही स्कूल जाया करती थीं। कुछ महीनों बाद उनकी पत्नी के चुपचाप रहने पर उन्होंने कारण पूछा तो पत्नी ने आपबीती सुनाई।
पत्नी ने बताया कि स्कूल का एक टीचर धमकाकर उनसे दुष्कर्म कर रहा है। साथ ही वह उन्हें बदनाम करने की धमकी भी दे रहा है। उन्होंने बताया कि आरोपी बीते आठ महीने से दुष्कर्म की वारदात कर रहा है। पति की शिकायत के बाद के बाद एसएसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी टीचर के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। तब से आरोपी फरार चल रहा था।