इराक में अगवा किए गए 39 भारतीयों का अभी पता भी नहीं चल सका था कि अब 165 और भारतीय वहां फंस गए हैं। बसरा स्पोर्ट्स सिटी की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करने वाले इन भारतीयों को कंपनी के मालिक ने बंधक बना रखा है।
लंबे समय से न तो इन्हें वेतन मिला है, न ही भारत लौटने दिया जा रहा है। अब इन्हें खाना देना भी बंद कर दिया है। परेशान लोगों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है।
इराक में फंसे गांव जटवाड, अंबाला (हरियाणा) निवासी इकबाल सिंह ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि अंबाला के ही एक एजेंट सीताराम के जरिए उन्हें यह नौकरी मिली थी। मोहाली के एक एजेंट ने उनके समेत यहां फंसे ज्यादातर लोगों की नौकरी अल जबूरी कंस्ट्रक्शन कंपनी में लगवाई थी। वेतन 6500 यूएस डॉलर था।
बंधक भारतीयों का वीडियो देखें-
अप्रैल, 2014 को उन्हें आखिरी वेतन मिला
28 मार्च, 2013 को उन्होंने ज्वाइन किया और अप्रैल, 2014 को उन्हें आखिरी वेतन मिला था। यहां पंजाब के 53, हरियाणा के 49, राजस्थान के 25, यूपी के 22, बिहार के 2, तमिलनाडु के 8 और आंध्र प्रदेश के 6 लोग हैं।
किसी को आठ महीने तो किसी को एक साल से वेतन नहीं मिला है। कंपनी का मालिक अब्दुल्ला जबूरी हर महीने कोई न कोई बहाना बनाकर वेतन की बात टाल देता था। उन्हें सिर्फ खाना दिया जाता था। जो लोग भारत लौटना चाहते हैं, उन्हें पासपोर्ट नहीं दिए जा रहे। किसी को भी कैंपस से बाहर नहीं जाने दिया जाता।
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कोट
हम मामले की पूरी जांच कराएंगे। केंद्रीय विदेश मंत्रालय के माध्यम से इराक में संबंधित अधिकारियों से संपर्क साधकर बंधकों को छुड़वाने की हरसंभव कोशिश की जाएगी।
जत्थेदार तोता सिंह, प्रवासी भारतीय मामले मंत्री, पंजाब
‘आतंकियों से मरवा दूंगा’
कंपनी मालिक की तानाशाही से परेशान वर्करों ने 21 जनवरी, 2015 को हड़ताल कर दी। जबूरी ने मीटिंग बुलाई और वहां एक वर्कर की पिटाई कर दी। सभी को धमकाया कि विरोध करने पर आतंकियों से मरवा दिया जाएगा।
22 जनवरी को उनका खाना भी बंद कर दिया। युवकों इकबाल ने आशंका जताई कि उनके फोन भी छीन लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय एंबेसी से संपर्क किया, पर कोई मदद नहीं मिल रही है।
साथियों के जरिए भेजा पत्र
अल जबूरी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 22 जनवरी को 15 भारतीयों को वापस भेजा है। उनके जरिए वहां फंसे लोगों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को एक पत्र भेजा है, जिसमें एंबेसी को निर्देश देकर उन्हें छुड़ाने की अपील की गई है।
39 मिले नहीं, 165 को भी ढूंढोगे
इराक में फंसे लोगों ने भारत में परिजनों को अपने वीडियो भेजे हैं। इनमें प्रधानमंत्री, विदेशमंत्री और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से छुड़वाने की अपील की गई है। एक वीडियो में कहा गया है कि जल्द कुछ न किया तो जिस तरह इराक में आज तक 39 भारतीयों को ढूंढ रहे हैं, उसी तरह 165 लोगों को ढूंढते रह जाओगे।
वेतन नहीं मिला तो कर्ज कैसे चुकाएंगे
इराक में फंसे भारतीयों द्वारा भेजे एक वीडियो में एक युवक ने अपना दर्द बयां किया है। कई माह से वेतन नहीं मिला है। ऐसे में भारत में जिन लोगों से कर्ज लेकर इराक आए थे, घर लौटने पर वे परेशान करेंगे।