सीएम भगवंत मान और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस।
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शिक्षा विभाग में तैनात लाखों शिक्षकों व दफ्तर स्टाफ की पदोन्नति अब उचित समय पर होगी। विभाग में मुलाजिम की सालाना गुप्त रिपोर्ट या दस्तावेज गुम होने का शिकायत अब नहीं आएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है। इसके मुताबिक अब स्टाफ की सालाना गुप्त रिपोर्ट ऑनलाइन भरी जाएगी। अगर कोई मुलाजिम हार्ड कॉपी के माध्यम से गुप्त रिपोर्ट भेजता है तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस काम को सही तरीके से सिरे चढ़ाने के लिए विशेष सचिव स्कूल की अगुवाई में सात सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई, जो इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगी।
शिक्षा विभाग के मुताबिक पहले टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ की ओर से पदोन्नति के लिए सालाना गुप्त रिपोर्ट हार्ड कॉपी के माध्यम से भरी जाती थी। इस वजह से यह रिपोर्ट तय समय से नहीं लिखी जाती थी। वहीं, इन रिपोर्टों के गायब होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में सरकार ने फैसला लिया है कि इस साल 2023-24 व इसके बाद भरी जाने वाली सालाना गुप्त रिपोर्ट आईएचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से भरी जाएगी। किसी भी मुलाजिम द्वारा हार्ड कॉपी के माध्यम से भेजी गई रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के आदेश पर यह कदम उठाया है। उसके हिसाब से कमेटी गठित की गई है। पंजाब में 19 हजार से अधिक सरकारी स्कूल हैं। इनमें डेढ़ लाख से अधिक टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ अपनी सेवाएं दे रहा है।
इस तरह कमेटी करेगी काम
सालाना गुप्त रिपोर्ट संबंधी गठित कमेटी में विशेष सचिव स्कूल चेयरमैन व डायरेक्टर स्कूल शिक्षा को मेंबर सचिव लगाया गया है। अन्य सदस्यों में डायरेक्टर एसईआरटी, सचिव पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड, डायरेक्टर स्कूल एलिमेंट्री, डीजीएसई दफ्तर का नुमाइंदा व डिप्टी मैनेजर एमआईएस शामिल रहेंगे। यह कमेटी एनआईसी से तालमेल कर ट्रेनिंग की व्यवस्था करवाएगी। वही रिपोर्ट संबंधी नोडल अफसर व कस्टोडियन नियुक्त करने की जिम्मेदारी निभाएगी।