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हरियाणा एसजीपीसी बनाने का ऐलान

Tue, 08 Jul 2014 08:28 AM IST
नसीब सैनी/अमर उजाला, कैथल
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बीते एक माह से हरियाणा में सिखों के लिए अलग गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (एसजीपीसी) को लेकर चल रही गहमागहमी को रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विराम दे दिया। कैथल सिख सम्मेलन में उन्होंने हरियाणा के लिए अलग एसजीपीसी बनाने की ऐतिहासिक घोषणा कर दी।
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कैथल के गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम में आयोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सिखों की भावना के अनुरूप ही अलग कमेटी का गठन किया जाएगा। 11 जुलाई को हरियाणा विधानसभा में इस संबंध में प्रस्ताव लाकर प्रदेश के सिखों को उनका हक दिया जाएगा।

सिख संगत से खचाखच भरे खेल मैदान में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संघर्ष उस समय से चल रहा है, जब वे प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष थे। उन्होंने उसी समय निर्णय लिया था कि कभी मौका मिला तो हरियाणा के सिखों को उनका हक दिलवाया जाएगा।
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‘सिखों की भावनाओं को समझा, इसीलिए ऐलान’

सीएम हुड्डा ने सिखों की भावनाओं को सुना, समझा और महसूस किया कि क्या कारण है कि कमेटी बनानी चाहिए। इसी कारण वित्तमंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर इस पर विचार किया गया और कानूनी राय ली गई।

प्रदेश के लाखों सिखों ने कमेटी के सामने शपथ पत्र देकर हरियाणा की अलग कमेटी के गठन की मांग की, जबकि अलग कमेटी के विरोध में एक भी शपथ पत्र नहीं आया। केवल विरोध में लोगों ने बयान दिए।

‘मैं सीएम बादल का सम्मान करता हूं, वे करें न करें’
इस दौरान सीएम ने कहा कि वे पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ का सम्मान करते हैं, वे उनका सम्मान करें न करें, लेकिन वह यह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे कि हरियाणा के सिखों की भावना का सम्मान न किया जाए। उन्होंने कहा कि वे किसी ने डरते नहीं हैं।

‘कमेटी बनाना राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं’

सिखों के धार्मिक मामले में हस्तक्षेप करने के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की अलग कमेटी का गठन करना धर्म मेें कोई राजनीतिक हस्ताक्षेप नहीं है। यह आस्था का सवाल है।

हरियाणा का सिख अपने घर का खुद मालिकाना चाहता है। तो एतराज क्यों है? अलग कमेटी के गठन के बाद इसमें कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। इसके चुनाव होंगे, जो लड़ना चाहे, लड़े और जीते। इसीलिए इसमें किसी को कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए।

संगत से पूछा, अलग कमेटी चाहते हो
सम्मेलन के दौरान हुड्डा ने संगत से पूछा कि क्या वे अलग कमेटी चाहते हैं? जिस पर भीड़ ने हाथ उठाकर अलग कमेटी की मांग का समर्थन किए। इसके ठीक बाद सीएम ने ऐलान किया कि हरियाणा में अलग एसजीपीसी का गठन किया जाएगा।

11 जुलाई को विधानसभा में कानून बनाकर सिखों को उनका हक दिया जाएगा। इसके लिए हरियाणा के सिखों को बधाई। यह ऐलान होते ही पंडाल, जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल की आवाज से गूंज उठा।
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कई दिग्गज नेता पहुंचे थे

इससे पहले, सम्मेलन को हरियाणा के लोकनिर्माण एवं उद्योग मंत्री रणदीन सुरजेवाला, पूर्व सांसद नवीन जिंदल, वित्तमंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा, कृषि मंत्री परमवीर सिंह, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा, हरियाणा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक तंवर, दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष शरणजीत सिंह सरना, राजस्थान कमेटी (एडहॉक) के अध्यक्ष हरदीप सिंह ढिबढिबा सहित एचएसजीपीसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा, दीदार सिंह नलवी, सुरजीत सिंह सहित कई नेताओं ने संबोधित किया तथा मुख्यमंत्री से अलग कमेटी को मंजूरी देने का आग्रह किया। मौके पर पर मुख्य संसदीय सचिव प्रह्लाद सिंह गिल्ला खेड़ा, सुल्तान सिंह जड़ौला और दिल्लू राम बाजीगर सहित कई नेता मौजूद थे।
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