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नहीं हो सका गुटों में समझौता, व्यापार मंडल चुनाव की घोषणा आज

Fri, 01 Apr 2016 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चुनाव में एचपीयू के लेफ्टआउट कर्मियों का मत निर्णायक होगा।
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व्यापार मंडल के चुनाव की घोषणा शुक्रवार को होगी। जनरल हाउस की बैठक औद्योगिक क्षेत्र में बुलाई गई। दोनों गुटों में सहमति बनाने के लिए बनाई गई कमेटी के सदस्यों में समझौता नहीं हो सका है। हालांकि कमेटी ने दोनों गुटों के उम्मीदवारों और उनके समर्थकों के साथ बात भी की थी।
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शुक्रवार को होने वाली जनरल हाउस की बैठक में दोनों गुटों में तनाव भी पैदा हो सकता है। अभी तक व्यापार मंडल का चुनाव लड़ने की घोषणा कैलाश जैन और अनिल वोहरा ने की है। वोहरा का समर्थन व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरणजीव सिंह कर रहे हैं।

वहीं जैसे-जैसे चंडीगढ़ व्यापार मंडल के चुनाव नजदीक आ रहे हैं, शहर के व्यापारियों की उत्सुकता बढ़ती जा रही है और व्यापारी नेताओं की गतिविधियां बढ़ गई हैं। वीरवार को  चंडीगढ़ व्यापार मंडल के सलाहकार प्रत्याशी कैलाश जैन के समर्थक भीमसेन अग्रवाल ने एक अप्रैल को होने वाली व्यापार मंडल की साधारण सभा में व्यापारियों के मन की बात सुनने की बात कहते हुए ‘आज हमारी सुनो’ का नारा दिया है।
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चंडीगढ़ व्यापार मंडल के चेयरमैन के लिखे पत्र में सलाहकार भीमसेन अग्रवाल, रवि प्रकाश कांसल, प्रेम कुमार, शीशपाल गर्ग, वीरेंद्र गुलेरिया, धर्मपाल गुप्ता, दिग्विजय कपूर, तुलसीराम सिंगला, अश्विनी कुमार जैन, राजेश सिंगला, रमेश चंद खंडेलवाल व रामलाल ने कहा कि व्यापार मंडल की बैठकों में आम तौर पर व्यापारियों को बोलने का मौका नहीं दिया जाता, प्रधान स्वयं की गतिविधियां बताने में बहुत समय लगा देते हैं। इसलिए भाषणबाजी व तथाकथित उपलब्धियों का बखान करने देने की बजाय व्यापारी को बोलने का मौका मिलना चाहिए।

भाषण की समय सीमा तय हो
व्यापार मंडल के अन्य सलाहकार एवं पार्षद सतप्रकाश अग्रवाल और  सचिव प्रदीप बंसल का भी कहना है कि बैठक में प्रधान के भाषण और अन्य औपचारिकताओं के लिए केवल 15 मिनट का समय निर्धारित किया जाना चाहिए ताकि अन्य सदस्यों को भी अपनी बात कहने का अवसर मिल सके।

व्यापार मंडल अध्यक्ष चरणजीव सिंह का कहना है कि हर बैठक में व्यापारियों को बोलने का पूरा मौका दिया जाता रहा है। पहले हाउस में सामने बैठने वाले व्यापारियों को बोलने का मौका दिया जाता है उसके बाद पदाधिकारी बोलते हैं। आज तक जनरल हाउस की जितनी बैठकें हुई हैं उसमें जिन व्यापारियों को बोलने का मौका दिया जाता रहा है। चुनाव के समय अब वही व्यापारी आरोप लगा रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। वह 4 साल से अध्यक्ष हैं आज तक उनकी कारगुजारी पर कभी सवाल नहीं उठे हैं। अनिल वोहरा की जीत तय है।
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