पंजाब कांग्रेस की कार्यकारिणी का एलान फिर टल गया है। अब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की घोषणा खडूर साहिब उपचुनाव के बाद ही होगी। क्योंकि पार्टी चुनाव से पहले कोई विवाद नहीं चाहती है। प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कार्यकारिणी का गठन कर लिया था।
पार्टी उपाध्यक्ष से मिल कर नई कमेटी फाइनल भी कर दी थी, लेकिन तभी पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब का कांग्रेस में विलय हो गया। तो कमेटी का एलान टल गया, क्योंकि पीपीपी नेताओं को भी एडजस्ट किया जाना था। अब एक बार फिर कमेटी की घोषणा टल गई है।
पार्टी ने फैसला किया है कि खडूर साहिब उपचुनाव के बाद ही इसका एलान किया जाएगा। क्योंकि उपचुनाव से पहले पार्टी कोई विवाद नहीं चाहती। कमेटी घोषित होने के बाद प्रतिनिधित्व न मिलने पर कुछ नेता नाराजगी जता सकते हैं, जिसका असर उपचुनाव पर पड़ सकता है।
इसलिए कांग्रेस उपचुनाव के बाद ही कार्यकारिणी का एलान करेगी। वहीं, नई टीम में छह जिला प्रधानों केबदलने के भी आसार हैं। जानकारी के मुताबिक छह जिला प्रधान ऐसे हैं, जो विधायक भी हैं। इनमें गुरदासपुर प्रधान व डेराबाबा नानक के विधायक सुखजिंदर रंधावा, फरीदकोट प्रधान व जैतों विधायक जोगिंदर सिंह पंजगराईं, होशियारपुर प्रधान व विधायक सुंदर शाम अरोड़, कपूरथला प्रधान व सुल्तानपुर लोधी विधायक नवतेज चीमा, पटियाला प्रधान व राजपुरा विधायक हरदयाल कंबोज और मोहाली प्रधान व विधायक बलबीर सिद्धू शामिल हैं। चीमा के पास तो चीफ व्हिप की भी जिम्मेदारी है। इन विधायकों ने कहा है कि चुनाव होने के कारण इन्हें हलकों में समय देना है, इसलिए जिला प्रधानगी की जिम्मेदारी किसी और को सौंपी जाए।
असमंजस बरकरार, नहीं हुआ उम्मीदवार का एलान
खडूर साहिब उपचुनाव को लेकर कांग्रेस में असमंजस सोमवार को भी बरकरार रहा। सोमवार की पार्टी ने उम्मीदवार का औपचारिक एलान नहीं किया। जबकि, शनिवार को ही हाईकमान रमनजीत सिंह सिक्की का नाम फाइनल कर चुका था। यह भी चर्चाएं रहीं कि पार्टी ने उप चुनाव न लड़ने का मन बना लिया है। क्योंकि मास्टर स्ट्रेटेजिस्ट प्रशांत किशोर ने कैप्टन को उपचुनाव न लड़ने की सलाह दी थी, लेकिन पार्टी की ओर से अधिकारिक तौर पर न तो चुनाव न लड़ने की घोषणा की गई और न ही उम्मीदवार का ऐलान किया गया।