अभिनेत्री परिणिती चोपड़ा को हरियाणा में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने को लेकर जहां सियासत गर्मा गई है, वहीं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को एक और बयान दे डाला कि बेटी बचाने के लिए किसी हीरो-हीरोइन जरूरत नहीं।
उधर ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने में अहम भूमिका रखने वाले महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में ही तारतम्य नजर नहीं आ रहा। कैबिनेट मंत्री कविता जैन का कहना है कि सरकार का फैसला उनकी सहमति से ही हुआ, वहीं उन्हीं के विभाग के राज्य मंत्री कृष्ण बेदी को इसकी कोई जानकारी नहीं हैं।
राज्य सरकार ने अंबाला निवासी अभिनेत्री परिणिती को बृहस्पतिवार को ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने की घोषणा की थी। इसके तुरंत बाद ही स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सरकार के इस फैसले से अनभिज्ञता जाहिर करते ट्वीट किया।
मुख्यमंत्री खट्टर ने किया स्वागत
उधर मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने ट्वीट कर परिणिती को एंबेसडर बनाए जाने का स्वागत किया था। विज ने शुक्रवार को फिर बयान दिया कि उन्हें इस बारे में न कोई जानकारी है और न ही उनके विभाग ने किसी को ब्रांड एंबेसडर बनाया है।
उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, मिशन के लिए सबसे अधिक उनका विभाग काम करता है। उनका विभाग जान हथेली पर रख कर अभियान के लिए काम कर रहा है, ऐसे में उन्हें नहीं लगता की उन्हें इस अभियान के लिए किसी ब्रांड एंबेसडर की जरूरत है।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान सीधे तौर पर स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास मंत्री से जुड़ा है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री को इतने बड़े फैसले की जानकारी नहीं होने के बयान से एक बार फिर खट्टर और उनके बीच दूरी जगजाहिर हो गई।
इतना ही नहीं महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कृष्ण बेदी ने भी निजी चैनलों पर दिए बयान में सरकार के फैसले की जानकारी होने से इनकार किया और कहा कि यदि ऐसा है तो सहमति के लिए बातचीत होनी चाहिए थी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा ली थी सहमति
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की कैबिनेट मंत्री कविता जैन का कहना है कि परिणिती को ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने का प्रस्ताव उनके पास आया था और उनकी सहमति से ही सरकार ने फैसला किया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ सरकार का महत्वाकांक्षी अभियान है और इसे लेकर सभी को सकारात्मक सोच रखनी चाहिए।
सरकारी मामला है, सरकार ही निपटे: चोपड़ा
इस बारे में परिणिती चोपड़ा के पिता पवन चोपड़ा का कहना है कि ये विवाद और मामला सरकारी है और सरकार ही इससे निपटे। हम इस मसले पर कुछ नहीं कहना चाहते हैं। हमारा परिवार ऐसे अभियानों से पहले भी जुड़ा है और आगे भी जुड़ा रहेगा, ऐसे अभियानों को विवादों से दूर रखकर ही सफल बनाया जा सकता है। सरकार ने परिणिती को ब्रांड एंबेसडर बनाया है, इसके लिए सरकार का धन्यवाद।
हुड्डा बोले, साइना और पूनिया को बनाना था ब्रांड अंबेस्डर
पहले माधुरी दीक्षित और अब परिणिती चोपड़ा। क्या बेटी बचाओ अभियान का ब्रांड अंबेस्डर बनाने के लिए प्रदेश की खिलाड़ी बेटियां किसी से कम हैं?
परिणिती चोपड़ा को अभियान का ब्रांड अंबेस्डर बनाए जाने को लेकर उठे विवाद में पूर्व सीएम हुड्डा ने भी खट्टर सरकार पर निशाना साधा है।
शुक्रवार को यहां स्थित अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व सीएम ने कहा कि साइना नेहवाल और कृष्णा पूनिया जैसी प्रदेश की खिलाड़ियों को आगे लाते तो अच्छा कदम होता। हमारी इन खिलाड़ियों ने दुनिया भर में नाम कमाया है।