सरकार को दिया अल्टीमेटम, मांगों का शीघ्र समाधान नहीं तो दो नवंबर को रोहतक में होगी आंदोलन की घोषणा
चंडीगढ़। लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को प्रदेशभर में आंगनबाड़ी वर्कर्स ने जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन हरियाणा ने सरकार को चेताया कि अगर समय रहते उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो दो नवंबर को रोहतक में होने वाले सम्मेलन में आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
हजारों आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने वीरवार से डीसी कार्यालयों पर धरना शुरू किया और शुक्रवार को धरना प्रदर्शन समाप्त हो गया। इस दौरान यूनियन की राज्य प्रधान देविन्द्री शर्मा, महासचिव शकुंतला, कार्यकारी अध्यक्ष उर्मिला रावत, कार्यकारी महासचिव बिजनेश राणा, सीटू प्रदेश महासचिव जय भगवान ने कहा कि काटे गए मानदेय का भुगतान करने और 26 हजार रुपए वेतन देने आदि अन्य लंबित मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाई जाती रही रही है, लेकिन सरकार बार-बार टालमटोल करती रही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से 2018 में वर्कर्स के 1500 और हेल्पर्स के 750 रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा तक को भी राज्य में लागू नहीं किया है।
इससे प्रदेश की आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स में काफी रोष व्याप्त है। केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करवाने का काम वर्कर्स की ओर से किया जा रहा है। राज्य में 25,000 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिनमें करीब 47,000 वर्कर्स और हेल्पर्स काम कर रही हैं। तीन हजार से ज्यादा पद रिक्त पड़े हुए हैं, जिन्हे नहीं भरा जा रहा है।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि 2021 व 2022 में चले आंदोलन में वर्कर्स और हेल्पर्स का 75 प्रतिशत मानदेय काट लिया, जिसे अभी तक जारी नहीं किया जा रहा। फैसले के बाद भी बर्खास्त 975 वर्कर व हेल्पर को महीनों बाद बहाल किया। तीन साल से मोबाइल के लिए पैसा आया हुआ है, लेकिन नाकाम विभाग अभी तक इसे खरीद कर वर्कर्स को नहीं दे पाया है और न ही इसकी किसकी जबावदेही तय की गई है।