पंजाब में आंगनबाड़ी हेल्परों ने प्रदेशाध्यक्ष हरजीत कौर पंजोला के नेतृत्व में मुख्यमंत्री भगवंत मान के निवास का घेराव किया और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर संबोधित करते ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर की राष्ट्रीय अध्यक्ष उषा रानी और महासचिव एआर संधू ने कहा कि केंद्र सरकार की लोक विरोधी और कारपोरेट पक्षीय नीतियां किसी से छिपी नहीं हैं।
केंद्र की मोदी नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने देश की संपत्ति को निजी संपत्ति की तरह कारपोरेट घरानों को बेच दिया है। विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली केंद्र सरकार में देश भुखमरी और कुपोषण में 121वें स्थान से खिसक कर 107वें स्थान पर आ पहुंचा है। सेहत और शिक्षा को लगातार प्राइवेट किया जा रहा है। इसका नतीजा पंजाब में तीन जिलों की आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को दी जाने वाली खुराक को एनजीओ को देना है।
वेदांता जैसे कारपोरेट के एनजीओ का दखल भी देखने को मिल रहा है। पंजाब में आप द्वारा चुनाव से पहले वादा किया था कि आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों के मानदेय में दोगुना बढ़ोतरी की जाएगी, रिक्त पदों पर तुरंत भर्ती की जाएगी लेकिन नौ माह बीत चुके हैं।
जिस दिन से आप की सरकार आई है, पिछला मिलने वाला मानदेय भी समय पर नहीं दिया जा रहा है। पिछले छह साल से आंगनबाड़ी केंद्र में वर्कर हेल्परों के पद रिक्त पड़े हैं, जिनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि आंगनबाड़ी हेल्परों की मांगों को तुरंत पूरा किया करें अन्यथा संघर्ष को तेज किया जाएगा।
सीटू पंजाब के महासचिव चंद्र शेखर और अध्यक्ष महां सिंह रोड़ी ने कहा कि जब देश के चारों तरफ भुखमरी, बेरोजगारी फैली हुई है, उस समय केंद्र सरकार द्वारा खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी लगाना और बाल खुराक को पोषण ट्रैक एप और आधार कार्ड से लिंक करके न्यूट्रिशन देना बच्चों के संवैधानिक व भोजन का अधिकार पर डाका है।
इस मौके पर प्रांतीय महासचिव सुभाष रानी, वित्त सचिव अमृतपाल कौर, सचिव कृष्णा कुमारी, उपाध्यक्ष बलराज कौर, गुरमीत कौर, तृष्णजीत कौर, वरिंदर कौर, गुरमिंदर कौर, गुरबख्श कौर, बलजीत कौर, गुरप्रीत कौर, रणजीत कौर, प्रतिभा शर्मा, जसविंदर कौर नीलोवाल मौजूद रहीं।