पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक रामकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने पाकिस्तानी हैंडलर को संवेदनशील सैन्य जानकारी देने की बात कबूल की है। आरोप है कि जानकारी प्रदान करने के अलावा, उसने पाकिस्तानी खुफिया संचालकों को सैन्य अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी दिए थे। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 2013 से जालंधर कैंट में एमईएस (मिलिट्री इंटेलीजेंस सर्विसेस) के साथ इलेक्ट्रिशियन के रूप में काम कर रहा है।
सोशल मीडिया पर पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव से उसकी दोस्ती हो गई थी। उसे भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित भारतीय सेना की इकाइयों और क्षेत्र में सेना के काफिले की आवाजाही की जानकारी देने के लिए कहा गया था। इसकी एवज में कई बार पैसे भी दिए गए हैं। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलवामा की घटना के बाद उसके हैंडलर सेना की गतिविधियों के बारे में जानने के लिए उतावले थे।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ थाना एसएसओसी अमृतसर में आधिकारिक राज अधिनियम (ओएसए) की धारा 3, 4, 5, 9 और 120-बी आईपीसी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उसके सोशल मीडिया संपर्कों की जांच करने के लिए आगे की जांच चल रही है।
अमृतसर के डीएसपी हरिंदर सिंह ने कहा कि अमृतसर में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 2 पिस्तौल, 3 मैगजीन और 14 राउंड व दस्तावेज बरामद किए गए हैं।