फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमृतसर ट्रेन हादसाः कार्यक्रम के आयोजक ने दिया बड़ा बयान, बोला- राजनीतिक रंजिश निकाल रहे लोग

Tue, 23 Oct 2018 01:31 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
विज्ञापन
Amritsar train accident - फोटो : PTI
विज्ञापन
अमृतसर ट्रेन हादसे का एक कारण, कार्यक्रम का मुख्य आयोजक मदान, जो फिलहाल परिवार के साथ भूमिगत है, लेकिन एक वीडियो भेजकर बहुत बड़ा बयान दिया है। साथ ही ऐसी-ऐसी बातें कही हैं, जो पीड़ितों को शायद ही पसंद आएं। सौरभ मदान उर्फ मिट्ठू ने एक संदेश के जरिए अपनी सफाई दी है कि दशहरा के लिए धोबीघाट की चारदीवारी के भीतर कार्यक्रम रखा गया था न कि रेलवे ट्रैक पर।
विज्ञापन


कुछ लोग मेरे साथ राजनीतिक रंजिश निकाल रहे हैं। वीडियो में भावुक होकर मिट्ठू कह रहा है कि दशहरे के दिन जो हुआ, उससे मेरा रोम-रोम दुखी है। दशहरा सभी भाईचारे को एकत्रित करने के लिए मनाया जा रहा था, हर तरह की अनुमति ली गई थी। नगर निगम से फायर ब्रिगेड के पानी के टैंकर वहां मौजूद थे और सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध थे। यह समारोह मैदान के अंदर था न कि रेलवे ट्रैक पर।

स्टेज से 5-7 बार लोगों से रेलवे ट्रेक से हटने की अपील भी की गई। जो हादसा हुआ वह कुदरती हुआ। हादसे के बाद मदान परिवार भूमिगत हो गया था, लेकिन सोमवार को सौरभ का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उसने अपनी सफाई दी। घटना के बाद से फरार सौरभ ने डेढ़ मिनट का एक वीडियो जारी करके दावा किया कि उसकी तरफ से कोई लापरवाही नहीं बरती गई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

हर तरह के सुरक्षा इंतजाम किए गए थे

Amritsar train accident - फोटो : PTI
कार्यक्रम आयोजन का मतलब होता है कि जहां सारी व्यवस्था की गई हो और कुर्सियां आदि लगाई गई हो। रेलवे ट्रैक पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। कार्यक्रम का आयोजन मैदान में बाउंड्री के अंदर हो रहा था। मैंने सभी को एक साथ लाने के लिए इस समारोह का आयोजन किया था। हमने सभी तरह की अनुमति ले रखी थी। हमारे पास रावण की प्रतिमा के आसपास 20 फीट की जगह थी।

मेरी तरफ से कोई कमी नहीं थी। मेले में 100 पुलिसकर्मी तैनात थे, एक दमकल वाहन और पानी के टैंकर अलग-अलग जगहों पर थे। गौरतलब है कि जौड़ा फाटक के पास शुक्रवार को दशहरा देख रहे 59 लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि करीब 57 लोग घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद नाराज लोगों ने रेल लाइनों के पास दशहरा समारोह का आयोजन करने वाले आयोजकों के घर के बाहर प्रदर्शन कर तोड़फोड़ की।

प्रदर्शनकारियों ने काउंसिलर विजय मदान और उसके बेटे सौरभ मदान के खिलाफ नारेबाजी कर पत्थरबाजी की थी। इसके बाद से मदान परिवार गायब है। कोठी पर ताला लटक रहा है। वहां पुलिस का सख्त पहरा बिठा दिया गया है और उस तरफ किसी को जाने की परमिशन भी नहीं है। सभी का फोन भी स्विच ऑफ है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें