रावण दहन देखने आए थे, लाशें बनकर घर को लौटे, पर कभी न लौटने के लिए। ये हादसा है या हत्या, जवाब किसी के पास नहीं, लेकिन 9 सवाल ऐसे हैं जो हर किसी के जेहन में हैं। आखिर इस घटना का असली दोषी कौन है?
पंजाब के अमृतसर में जौड़ा फाटक के पास मौत का शिकार हुए 59 लोगों की जान बच सकती थी, अगर प्रशासन और रेलवे लापरवाही न बरतता। मजिस्ट्रेट की जांच में भी यह सवाल उठेंगे...
1. रावण दहन का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था। पुलिस ने 20 हजार लोगों की मंजूरी कैसे दी, जब वहां की क्षमता दो हजार है।
2. निगम से इस जमीन को इस्तेमाल करने की मंजूरी क्यों नहीं ली गई?
3. जौड़ा फाटक पास ही स्थित है, जहां पर हर वक्त गेटमैन रहता है। उसने इतनी भीड़ देखकर अपने अधिकारियों को सूचना क्यों नहीं दी कि ट्रैक पर भारी भीड़ जमा है, इसलिए ट्रेन को धीमा चलाया जाए।
4. रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ने अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई, जनता ने अगर रेलवे लाइन को ट्रेसपास किया था तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई।