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बच जाती 59 जानें, अगर मिल जाता अलर्ट, 9 सवालों में छिपा अमृतसर ट्रेन हादसे का गुनाहगार

Sun, 21 Oct 2018 09:03 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Amritsar train accident - फोटो : PTI
रावण दहन देखने आए थे, लाशें बनकर घर को लौटे, पर कभी न लौटने के लिए। ये हादसा है या हत्या, जवाब किसी के पास नहीं, लेकिन 9 सवाल ऐसे हैं जो हर किसी के जेहन में हैं। आखिर इस घटना का असली दोषी कौन है?


पंजाब के अमृतसर में जौड़ा फाटक के पास मौत का शिकार हुए 59 लोगों की जान बच सकती थी, अगर प्रशासन और रेलवे लापरवाही न बरतता। मजिस्ट्रेट की जांच में भी यह सवाल उठेंगे...

1. रावण दहन का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था। पुलिस ने 20 हजार लोगों की मंजूरी कैसे दी, जब वहां की क्षमता दो हजार है।
2. निगम से इस जमीन को इस्तेमाल करने की मंजूरी क्यों नहीं ली गई?
3. जौड़ा फाटक पास ही स्थित है, जहां पर हर वक्त गेटमैन रहता है। उसने इतनी भीड़ देखकर अपने अधिकारियों को सूचना क्यों नहीं दी कि ट्रैक पर भारी भीड़ जमा है, इसलिए ट्रेन को धीमा चलाया जाए।

4. रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ने अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई, जनता ने अगर रेलवे लाइन को ट्रेसपास किया था तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

 
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Amritsar train accident
5. रेलवे लाइनों की जिम्मेदारी गैंगमैन की होती है। लाइन पर अगर इतने लोग खड़े थे तो गैंगमेन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।
6. डीएमयू चालक को पता था कि वह अमृतसर सिटी में एंटर कर चुका है। उसने भीड़ देखकर भी ट्रेन की स्पीड को कम क्यों नहीं किया।
7. प्रबंधकों को पता था कि ट्रेन की पटरी पर इतनी पब्लिक खड़ी है तो पुलिस को क्यों नहीं भेजा गया।
8. प्रबंधकों की तरफ से एलईडी को पटरी की तरफ लगाया गया और लोग उसको देखकर पटरी पर ही रुक गए।
9. जिस समय रावण दहन हो रहा था तो बड़ी संख्या में लोग मोबाइल पर वीडियो बना रहे थे। इस कारण वह ट्रेन को भांप ही नहीं पाए।
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