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अमृतसर ट्रेन हादसाः याचिका खारिज, जज बोले- लोग खुद ट्रैक पर खड़े थे, नवजोत कौर जिम्मेदार कैसे

Mon, 29 Oct 2018 03:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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Amritsar train accident - फोटो : PTI
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अमृतसर में दशहरे के दिन हुए रेल हादसे की जांच सीबीआई या एसआईटी से करवाने की मांग करने वाली जनहित याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दी। चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने कहा कि याचिका जनहित के लिए नहीं बल्कि राजनैतिक और व्यक्तिगत हित के लिए दायर की गई है। दशहरा कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि रही नवजोत कौर सिद्धू को प्रतिवादी बनाने पर भी हाईकोर्ट ने याची को फटकार लगाई। 

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कोर्ट ने कहा कि दुर्घटना के लिए मुख्य अतिथि को कोई कैसे दोषी ठहरा सकता है। जब लोग इस तरह से रेल पटरियों पर खड़े होंगे और हादसा होगा तो सरकार को इसमें कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और इस घटना के मृतकों और घायलों को मुआवजा जारी किया जा रहा है। घटना के मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं और रेलवे भी जांच कर रहा है। ऐसे में इस याचिका का कोई आधार नहीं है। हाईकोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए याचिकाकर्ता ने याचिका वापिस लिए जाने की मांग की जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। 

यह कहा था याचिका में 
गुरुग्राम के दिनेश कुमार डाकोरिया ने एडवोकेट शशांक देओ सुधी के जरिये दायर जनहित याचिका में कहा था कि इतनी दिल दहला देने वाली दुर्घटना की जिम्मेदारी लेने से हर कोई इनकार कर रहा है। घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं जबकि मजिस्ट्रेट और पुलिस दोनों ही राज्य सरकार के अधीन हैं। इस जांच को निष्पक्ष नहीं माना जा सकता। इस कारण सीबीआई या एसआईटी से जांच करवाई जाए। 

 
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