एक कांस्टेबल को पत्थर लगा तो मामला दर्ज कर लिया, 59 के मरने पर एक को भी गिरफ्तार नहीं किया गया। राज्य सरकार आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। दशहरा के दिन 59 मौत के मामले में अमृतसर में राजनीति गर्मा गई है। भाजपा अकाली दल बेशक कह रहा हो कि लाशों पर राजनीति नहीं की जा रही है, लेकिन बुधवार को अकाली दल भाजपा ने इस प्रकरण में खूब राजनीति की।
कानून व नियम कहता है कि जौड़ा फाटक हादसा रेलवे पुलिस के अधिकार क्षेत्र में हुआ है और कानून के मुताबिक जो भी कार्रवाई होगी उसे राजकीय रेलवे पुलिस या फिर आरपीएफ को करनी है। लेकिन पंजाब के पूर्व राजस्व मंत्री विक्रम मजीठिया व भाजपा के राष्ट्रीय सचिव व प्रवक्ता साथियों के साथ बुधवार को मोहकमपुरा थाने पहुंचे और वहां आरोप लगाया कि राज्य सरकार आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
मजीठिया ने कहा कि पुलिस तत्काल केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार भी करें। भाजपा नेता तरुण चुघ ने कहा कि पिछले दिनों पटरी पर पथराव हुआ और एक कांस्टेबल के घायल होने पर लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया। हादसे में 59 लोग मौत का ग्रास बन गए और एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ।
तकनीकी रूप से चुघ व मजीठिया इतना भूल गए कि मोहकमपुरा थाना की पुलिस इस केस में न तो मामला दर्ज कर सकती है और न ही किसी को गिरफ्तार कर सकती है। दूसरा, पंजाब सरकार की तरफ से मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है, इस दौरान पंजाब पुलिस कोई भी कदम नहीं उठा सकती।